
कुब्रा सैत।
बॉलीवुड में शादी, तलाक और अफेयर की कहानियां आम हैं और आपने कई बार सुनी भी होंगी। लेकिन फिल्मी दुनिया में कई ऐसी बातें होती हैं जो कलाकार छुपाते हैं, क्योंकि उन्हें डर होता है कि अगर ये बातें बाहर आईं तो उनकी छवि खराब हो सकती है या उनके किरदारों पर सवाल उठ सकते हैं, जिससे उनका काम भी प्रभावित हो सकता है। इसी डर के कारण वे अपनी कई बातों को अपने तक ही सीमित रख लेते हैं, जबकि दिल खोलकर कहने की चाहत रखते हैं। आज हम आपको ऐसी ही एक्ट्रेस की कहानी सुनाएंगे, जिन्होंने हिम्मत दिखाते हुए अपने दिल की एक बेहद निजी और दर्दनाक बात सबके सामने रखी।
कुब्रा ने किया था खुलासा
‘सेक्रेड गेम्स’, ‘जवानी जानेमन’, ‘डॉली किट्टी’, ‘देवा’ और ‘रेडी’ जैसी फिल्मों में काम कर चुकी एक्ट्रेस कुब्रा सैत ने हाल ही में अपनी पर्सनल लाइफ के कई पहलू साझा किए। कुब्रा ने बताया कि एक वन नाइट स्टैंड के बाद वे प्रेग्नेंट हो गई थीं और इसके बाद उन्होंने अकेले ही अपने लिए सबसे बड़ा फैसला लिया और अबॉर्शन कराया। यह दर्दनाक अनुभव उन्होंने अपनी किताब ‘ओपन बुक’ के एक अध्याय ‘मैं मां बनने के लिए तैयार नहीं थी’ में पहले भी लिखा था, लेकिन अब उन्होंने इसके बारे में और खुलकर बात की है।
अपने फैसले पर कुब्रा को नहीं है पछतावा
कुब्रा ने इस बात को एक बार फिर साझा करते हुए कहा, ‘ये बात बहुत साल पहले मेरे साथ हुई थी तो मुझे बहुत वक्त मिला भी है इस बात को सोचने का और इस बात से हील करने का। मगर जब लाइफ में ऐसा निर्णय आता है तो आप बौखला जाते हो, क्योंकि आपके साथ आपका ईमान है, आपके साथ आपका फर्ज है और आपको ये भी पता है कि आप सोसाइटी में हो… तो दुनिया भी है, दीन भी है, सब है… आप बहुत परेशान हो जाते हो उस वक्त, आप सोचते हो कि ये कर पाओगे या नहीं कर पाओगे उस वक्त, लेकिन मैं इतना आज कह सकती हूं आत्मविश्वास के साथ कि उस वक्त जो निर्णय मैंने लिया वो सही था।’
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कैसे कराया अबॉर्शन
इससे पहले कुब्रा ने एक इंटरव्यू में कहा था, ‘जब मैं अबॉर्शन से गुजरी, तो मुझे लगता है कि मैं बिल्कुल भी मजबूत नहीं थी। मैं इसे आगे बढ़ाने के लिए कमजोर महसूस कर रही थी। मुझे हिम्मत नहीं थी कि मैं यह कह सकूं कि अगर मैं अबॉर्शन नहीं कराती तो इससे कैसे निपटती। उस वक्त मैं बहुत कमजोर और खोखली महसूस कर रही थी, ऐसा लग रहा था कि मैं इसके लायक ही नहीं हूं।’ शुरुआत में उन्हें बहुत दर्द, शर्मिंदगी और डर का सामना करना पड़ा, लेकिन बाद में उन्होंने एक नई ताकत महसूस की। उन्होंने बताया, ‘जो सामने आया वह मेरी अपनी ताकत थी कि मैंने अपने लिए फैसला लिया। मैंने उस सामाजिक बंधन और स्टीरियोटाइप को तोड़ा। इस फैसले के बारे में किसी को पता नहीं था। मैं बिना किसी को बताए अकेले ही अबॉर्शन के लिए गई।’
किताब के जरिए बताई अपनी कहानी
कुब्रा ने यह भी बताया कि वे एक दोस्त के साथ बातचीत के दौरान गर्भपात के भावनात्मक असर को समझ पाईं, जो उन्हें पहले महसूस नहीं हुआ था। उन्होंने एक अनुभव साझा किया जब शूटिंग के दौरान उन्हें हैवी ब्लीडिंग हुई, लेकिन किसी से कुछ नहीं कहा क्योंकि उन्हें लगा कि कोई उनके दर्द को समझ नहीं पाएगा। फिर धीरे-धीरे उन्होंने अपनी कहानी को अपनी किताब के जरिए साझा करने का फैसला किया, ताकि लोग उनके फैसले को समझें और जजमेंट से मुक्त महसूस कर सकें।
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