
झारखंड मुक्ति मोर्चा
पटना: हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा ( JMM) ने ऐलान किया है कि वह बिहार में विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी। पार्टी ने महागठबंधन के सहयोगी दलों राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इन दोनों दलों पर राजनीतिक साजिश का आरोप लगाते हुए पार्टी ने कहा है कि वह आनेवाले दिनों में इस गठबंधन पर फिर से विचार करेगी। इससे साफ हो गया है कि महागठबंधन में दरार पड़ चुकी है और इसका आनेवाले समय में असर पड़ेगा।
राजनीतिक धूर्तता का जवाब देगी JMM
JMM के सीनियर लीडर सुदिव्य कुमार ने कहा कि उनकी पार्टी झारखंड में कांग्रेस और RJD के साथ अलायंस का रिव्यू करेगी और इस राजनीतिक धूर्तता का जवाब देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड की भावनाएं आहत की गई है। राज्य के टूरिज्म मिनिस्टर दिव्य कुमार ने ने कहा, “JMM को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए RJD और कांग्रेस ज़िम्मेदार हैं। JMM इसका करारा जवाब देगी और RJD और कांग्रेस के साथ अपने अलायंस का रिव्यू करेगी।”
उन्होंने कहा कि 7 अक्तूबर को हुई मुलाकात में झारखंड को कुछ सीटें दिए जाने की बात हुई थी। JMM ने ऐलान किया था कि वह बिहार में छह सीटों चकाई, धमदाहा, कटोरिया, मनिहारी, जमुई और पीरपैंती पर चुनाव लड़ेगी। लेकिन पार्टी के नेता 20 अक्तूबर तक इंतजार करते रहे लेकिन सीट शेयरिंग पर सहमित नहीं बना पाए। झारखंड मुक्ति मोर्चा की सीटों पर भी उम्मीदवार उतारे जाने लगे और फ्रेंडली फाइट का नाम दिया जाने लगा।
झारखंड की भावनाए आहत हुईं
सुदिव्य कुमार ने कहा कि गठबंधन धर्म की मर्यादा का पालन नहीं किया गया। झारखंड की भावनाए आहत हुई हैं। सुदिव्य कुमार ने पुराने चुनावों का हवाला देते हुए बताया कि किस तरह से झारखंड मुक्ति मोर्चा ने समय-समय पर गठबंधन धर्म का पालन करते हुए महागठबंधन के पक्ष में फैसला लिया।
