
स्ट्रांग रूम के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मी
पटना: बिहार विधानसभा चुनावों के लिए 13 नवंबर को वोटों की काउंटिंग होने वाली है। वहीं स्ट्रांग रूम में रखे गए ईवीएम की कड़ी निगरानी की जा रही है। चुनाव आयोग ने बुधवार को कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में रखा गया है। मतगणना शुक्रवार को राज्य के सभी 38 जिलों में स्थापित 46 केंद्रों पर की जाएगी।
दो-स्तरीय सुरक्षा घेरा
चुनाव आयोग ने बताया कि मतदान में इस्तेमाल किए गए ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को दो-स्तरीय सुरक्षा घेरे में रखा गया है। निर्वाचन आयोग द्वारा जारी बयान में कहा गया, ‘‘स्ट्रॉन्ग रूम परिसर की आंतरिक सुरक्षा का जिम्मा सेन्ट्रल आर्म्ड पैरामिलिट्री फोर्सेज (सीएपीएफ) को सौंपा गया है, जबकि बाहरी सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी जिला पुलिस को दी गई है। इसके अलावा चौबीस घंटे सीसीटीवी निगरानी और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी किए गए हैं।’’
हर स्ट्रांग रूम में एक कंट्रोल रूम
प्रत्येक स्ट्रॉन्ग रूम परिसर में एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जहां वरिष्ठ अधिकारी लगातार ड्यूटी पर रहेंगे। एक बयान में कहा गया कि संबंधित विधानसभा क्षेत्रों के सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों को प्रतिदिन स्ट्रॉन्ग रूमों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। बयान में कहा गया कि मॉक पोल के दौरान या मतदान के समय दोषपूर्ण पाई गई ईवीएम और वीवीपैट मशीनों के साथ-साथ अप्रयुक्त मशीनों को अलग से सुरक्षित रखा गया है।
67.13 प्रतिशत मतदान
बिहार विधानसभा चुनाव के दो चरणों का मतदान छह और 11 नवंबर को हुआ था। इस बार राज्य में 1951 के बाद का सबसे अधिक 67.13 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है। इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार को राज्य में ‘‘शांतिपूर्ण और निर्विवाद’’ मतदान के लिए आभार व्यक्त करने के उद्देश्य से विभिन्न धर्मस्थलों-मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और दरगाह गए। यह जानकारी संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने एक बयान में दी। चौधरी ने कहा, ‘‘रिकॉर्ड मतदान आंकड़े दर्शाते हैं कि महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों ने भारी संख्या में चुनाव में भाग लिया है। यह बिहार के मतदाताओं की बढ़ती जागरुकता का प्रतीक है।’ (इनपुट-भाषा)
