
फरहान अख्तर ने बताई ‘लक्ष्य’ बनाने के पीछे की कहानी।
फरहान अख्तर इन दिनों अपनी मच अवेटेड वॉर ड्रामा ‘120 बहादुर’ को लेकर चर्चा में हैं, जिसका म्यूजिक एल्बम मंगलवार शाम को मुंबई के रॉयल ओपेरा हाउस में लॉन्च किया गया। अभिनेता जोरों-शोरों से अपनी फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं। हाल ही में फरहान अख्तर अपनी फिल्म के प्रमोशन के लिए रियेलिटी शो ‘इंडियन आइडल’ में भी पहुंचे, जहां उन्होंने 21 साल पहले रिलीज हुई फिल्म ‘लक्ष्य’ के पीछे की भी कहानी साझा की। कंटेस्टेंट श्रीनिधि का गाना सुनकर फरहान अख्तर ने सबको यह बताते हुए भावुक कर दिया कि आखिर किस सच्ची वजह ने उन्हें अपनी सबसे असरदार फिल्मों में से एक बनाने के लिए प्रेरित किया।
फरहान ने बताई लक्ष्य बनाने की वजह
तालियों के थमते ही बादशाह ने फरहान की तरफ देखते हुए पूछा-“क्या आपने ये फिल्म सिर्फ मनोरंजन के लिए बनाई थी? या फिर इसके पीछे ये भावना भी थी कि आपको देश के लिए कुछ करना है?” और फरहान के जवाब ने पूरे स्टूडियो को कुछ पल के लिए बिल्कुल शांत कर दिया। उन्होंने कहा, “इस सवाल के दो हिस्से हैं। देशभक्ति ऐसी चीज है, जो हम सबके अंदर पैदा होती है। जब आप अपने माता-पिता को देखते हैं। उनका काम, देश के लिए उनका प्यार और तो वही भावना धीरे-धीरे आपमें भी बस जाती है। और मेरी नजर में देशभक्ति कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे जोर-जोर से बोलकर दिखाया जाए। ये एक एहसास है, जिसके साथ आप ईमानदारी और मेहनत से अपनी जिंदगी जीते हैं- अपने देश के लिए।”
जब कारगिल गए थे जावेद अख्तर
फिर उन्होंने वो अहम बात साझा की, जिसने इस फिल्म की सोच को आकार दिया। उन्होंने कहा, “ये फिल्म उस दौर में बनी, जब 1999 में ऑपरेशन विजय हुआ था। 2001 में मेरे पापा कारगिल गए थे। वहां शहीद जवानों का एक मेमोरियल है। एक अफसर ने उनसे कहा था ‘दुनिया भर में लोग इंडियन आर्मी की तारीफ कर रहे हैं, क्योंकि इन पहाड़ों में जो नामुमकिन लगने वाला काम है, वो उन्होंने कर दिखाया।’ और ये बिल्कुल सच है, दुनिया की बहुत कम सेनाएं हैं जो ऐसा कर सकती हैं।”
जावेद अख्तर ने लिख डाली लक्ष्य की कहानी
फरहान ने बताया, “उस अफसर ने एक दुख की बात भी कही थी ‘हर साल कम युवा ऑफिसर बनने के लिए आवेदन कर रहे हैं। अब उन्हें ये करियर ठीक विकल्प नहीं लगता।’ फिर वो बोले, “उसने ये बात मेरे पापा को बताई, और मेरे पापा ने उससे कहा, ‘मैं एक ऐसी कहानी लिखना चाहता हूं, जिससे युवा इंडियन आर्मी में शामिल होने की प्रेरणा पाएं।’ यही सोच लक्ष्य की कहानी लिखने की वजह बनी। उस अनुभव के बाद, मैंने जो भी फिल्में चुनीं चाहे भाग मिल्खा भाग हो, या अब 120 बहादुर उनमें एक बात हमेशा रही। सिनेमा के पास संदेश देने की ताकत है। अपने आजादी का सम्मान करो। उसे प्यार करो। और कभी मत भूलो कि ये किस कीमत पर मिली है।”
फिल्म ने नई पीढ़ी को दी नई दिशा
श्रीनिधि की भावुक परफॉर्मेंस ने जब मंच का माहौल गहरा कर दिया, तो फरहान की ये बात, ये खुलासा, दर्शकों को एक ऐसे फिल्ममेकर के दिल तक ले गया, जो मानता है कि सिनेमा एक पूरी पीढ़ी को दिशा दे सकता है। इंडियन आइडल के मंच पर पहली बार पता चला कि इस फिल्म के पीछे असली प्रेरणा क्या थी। ये कहानी उसी जज्बे से मेल खाती है, जो इंडियन आइडल सीज़न 16 की पहचान है, जहां हर आवाज एक सफर लेकर आती है, एक मकसद लेकर आती है, और एक अटूट जुनून के साथ आगे बढ़ती है।
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