
प्रेमानंद महाराज
प्रेम विवाह दो दिलों का मिलन होता है, जहाँ जोड़ों को लगता है कि उन्होंने जीवन भर की खुशियों का टिकट खरीद लिया है। लेकिन, अक्सर समय बीतने के साथ, प्यार की जगह छोटी-छोटी गलतफहमियाँ, रोज़ के झगड़े और अनचाही दूरियाँ लेने लगती हैं। जिस रिश्ते को आपने इतनी उम्मीदों से चुना था, वहाँ भी कड़वाहट और निराशा हावी होने लगती है। यदि आप भी उसी मोड़ पर खड़े हैं जहाँ आपका चुना हुआ रिश्ता धीरे-धीरे फीका पड़ रहा है, तो निराश न हों। राधा रानी के अनन्य भक्त और पूज्य संत प्रेमानंद महाराज अपने सरल और गहरे उपदेशों से हज़ारों लोगों को सही राह दिखाते हैं। महाराज जी के अनुसार, किसी भी रिश्ते की नींव ‘प्रेम’ और ‘समझ’ पर टिकी होती है, और कुछ बदलावों से रिश्ते को फिर से जीवंत किया जा सकता है। आइए, जानते हैं पूज्य प्रेमानंद महाराज के वे अचूक मंत्र, जिन्हें अपनाकर लव मैरिज के बाद आने वाली दूरियों को खत्म किया जा सकता है और वैवाहिक जीवन में खोई हुई मिठास को वापस लाया जा सकता है।
लव मैरिज पर प्रेमानंद जी महराज ने कहीं ये बातें:
श्री राधा वल्लभ श्री हरिवंश के यूट्यूब पेज से शेयर किए गए इस वीडियो में एक व्यक्ति एक चिट्ठी पढ़ रहा है और प्रेमानंद जी महाराज से पूछा जा रहा है कि ‘’कई जोड़े होते हैं जो पहले प्रेम करते हैं फिर बाद में बलपूर्वक या भागकर किसी तरह विवाह भी हो जाता है। फिर आगे चलकर जब एक दूसरे के बारे में पता लगता है कि सामने वाले पार्टनर का कहीं और संबंध है। ऐसी स्थित में सामने वाले को लगता है कि न वह घर का रहा न घाट का…
इसपर पर महाराज जी कहते हैं कि लव मैरिज करते हो और डिवोर्स की बात करते हो लव मैरिज किसे कहते हो प्यार, अगर एक बार तुम्हें प्यार करके स्वीकार किया तो आजीवन तुम्हारा निर्वाह करे फिर किसी और की तरफ ना देखे, उत्तर यही देंगे कि आप गलत हो आप सुधार करो आप धर्म से चलो हमारे बच्चे हमारी बच्चियां यदि धर्म से चलेंगे तो गृहस्थी बहुत बढ़िया बनेगी और अगर अधर्म से चलोगे तो गृहस्ती बढ़िया नहीं बनेगी।
यानी महाराज जी यह कहते हैं कि अगर अपने विवाह किया है तो अब आप अपने साथी का साथ निभाओ। अपना आचरण बेहतर करो और अपने पार्टनर की ज़िम्मेदारी उठाओ।
