Indian Railway Facts, Interesting Facts : ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली यूज करने पर कितने साल की सजा होगी


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ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली का प्रयोग।

Indian Railway Facts: भारतीय रेलवे द्वारा सफर में या​त्रियों की सुविधा के लिए एक से बढ़कर एक सुविधा मुहैया कराई जाती हैं। मगर, इसके बावजूद यात्री नियमों को धता बताते हुए रेलवे संपत्तियों के प्रति उदासीन रवैया अपनाते हैं। हाल ही में आपने एक वायरल वीडियो देखा होगा जिसमें महिला को ट्रेन के कोच में ही इलेक्ट्रिक केतली से मैगी बनाते हुए देखा गया। वीडियो सामने आने के बाद रेलवे ने भी इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। लेकिन क्या आपको पता भी है कि, ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली यूज करने पर भारी-भरकम जुर्माने के साथ सजा भी हो सकती है ? यदि आपको नहीं पता है तो आज हम आपको रेलवे से जुड़े इस नियम के बारे में बताते हैं। 

क्या था वायरल वीडियो 

एक्स पर @WokePandemic नामक हैंडल से वायरल हो रहे वीडियो पर रेलवे ने प्रतिक्रिया दी थी। इसमें ट्रेन की सीट पर बैठी महिला इलेक्ट्रिक केतली में मैगी बनाते हुए दिखाई दे रही है, जिसे उसने कोच के पावर सॉकेट में लगाया था। वैसे तो ये प्लग या सॉकेट केवल मोबाइल चार्ज करने के लिए होते हैं, फिर भी महिला ने अपनी यात्रा के दौरान खाना बनाने के लिए इस कनेक्शन का इस्तेमाल किया। वीडियो पर मध्य रेलवे ने कड़ी चेतावनी जारी की और पुष्टि की कि इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हो गई है। 

रेलवे ने दी थी तीखी प्रतिक्रिया 

रेलवे में अपने बयान में कहा कि, ‘चैनल और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई शुरू की जा रही है। ट्रेनों के अंदर इलेक्ट्रॉनिक केतली का उपयोग करना सख्त वर्जित है। यह असुरक्षित, अवैध और दंडनीय अपराध है। इससे आग लगने की घटना हो सकती है और अन्य यात्रियों के लिए भी यह विनाशकारी हो सकता है। इससे ट्रेन में बिजली की आपूर्ति बाधित हो सकती है और एसी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक पोर्ट में खराबी आ सकती है। यात्रियों को ऐसे किसी भी खतरनाक व्यवहार से बचने की सलाह दी जाती है। अगर वे ऐसी किसी भी गतिविधि को नोटिस करते हैं, तो उनसे अनुरोध है कि वे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी सूचना दें।’ 

ट्रेन में नहीं चला सकते ये चीजें 

ट्रेन में सफर करने वाले यात्रियों को प्राय: ट्रेन में वर्जित सामान का इस्तेमाल करते हुए देखा जाता है। हालांकि भारतीय रेलवे की ओर से कई नियम तय किए गए हैं और सभी यात्रियों को उन नियमों का पालन करना अनिवार्य होता है। वैसे आपको बता दें कि इलेक्ट्रिक केतली के अलावा भी कई उपकरणों के उपयोग पर बैन है। यदि आपको नहीं मालूम है तो बता दें कि, ट्रेन में  इलेक्ट्रिक केतली, इंडक्शन चूल्हा, हीटर, प्रेस या हाई वोल्टेज वाले दूसरे उपकरण ज्यादा लोड खींचते हैं इसलिए इन्हें ट्रेन में नहीं चला सकते हैं। 

ट्रेन में इलेक्ट्रिक उपकरण क्यों बैन हैं ? 

गौरतलब है कि, ट्रेन की पावर सप्लाई घरेलू सिस्टम जैसी नहीं होती, यही वजह होती है कि यहां लोड फिक्स होता है और कोच की वायरिंग भी उसी आधार पर बनी होती है। ऐसे में कोच की सिस्टम लाइन पर दबाव बढ़ जाता है और ओवरलोडिंग का खतरा बन जाता है। ट्रेन में इलेक्ट्रिक उपकरणों के उपयोग से चिंगारी निकलने, ब्रेकर गिरने या धुआं भरने की घटनाओं की संभावना होती है। यही वजह है कि यात्रियों की सुरक्षा दृष्टि से ट्रेन में केवल मोबाइल, पावर बैंक या लैपटॉप जैसे लो-वोल्टेज डिवाइस ही चार्ज करने की अनुमति होती है। 

अब सजा भी जानें

आपको बता दें कि, ट्रेन में किसी भी तरह का हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिक उपकरण चलाना नियमों का उल्लंघन है। अगर किसी को ट्रेन में इलेक्ट्रिक केतली या इसी तरह के हाई-वोल्टेज उपकरण चलाते पकड़ा गया तो रेलवे एक्ट के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है। केस की गंभीरता के आधार पर जुर्माने की राशि तय होती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, रेलवे एक्ट के सेक्शन 153 के तहत जुर्माना और छह महीने तक की सजा का प्रावधान है। यदि ऐसी हरकतों से आग लगने की स्थिति उत्पन्न होती है तो सेक्शन 154 लागू हो सकती है जिसमें जुर्माना और दो साल तक की सजा तक का प्रावधान है। 

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया में किए गए दावों और रिपोर्ट्स पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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