
मोहन भागवत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल पर बात की।
नागपुर: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत में शनिवार को नागपुर में आयोजित नागपुर पुस्तक मेला में कार्यक्रम को संबोधित किया। अपने भाषण में मोहन भागवत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर कहा कि खुद में यंत्र नहीं बनना है इसलिए एआई है, टेक्नोलॉजी है। हम उसको रोक नहीं सकते, वह आएगी लेकिन आने के बाद भी उसके मालिक हम बने रहें, उसकी मर्यादा हमारी है। मोबाइल आया ,मोबाइल हमारा साधन है, टेक्नोलॉजी में उसका उपयोग है। हम अपनी इच्छा से उसका उपयोग करेंगे, लेकिन आजकल ऐसा नहीं होता। अब मोबाइल हमारा उपयोग करता है। अगर मोबाइल आप घर पर भूल गए और अब 4 घंटा यहां रहने वाले हैं, तो 4 घंटे बिना मोबाइल का बिताना किसी को सहन होता। हमें यह नहीं होने देना है।
मानव हित में होना चाहिए AI का इस्तेमाल
मोहन भागवत ने आगे कहा कि यह सब साधन हैं। उसका जन कल्याण के लिए कैसे इस्तेमाल करना है वह हम तय करेंगे। हम उनका ऐसा प्रयोग करें कि वह यंत्र हैं, ऐसा हमको बनना पड़ेगा। एआई का प्रयोग मानव हित में होगा। मानव को अधिक अच्छा मानव बनाने के लिए होगा। यह हमको सीखना पड़ेगा। एआई के कारण मनुष्य की भावनाओं का क्या होगा, इससे डर लगता है। लेकिन वह एआई अभी आया नहीं है। उसके आने से पहले हम तैयार हो जाएं, हम इसका ध्यान रखना होगा।
संतुलन रखें तो हम बन सकते हैं AI के मालिक
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक ने कहा कि केवल मेरा जीवन सुखकर बने, यह नहीं होना चाहिए। केवल भौतिक सुख से जीवन सुख में नहीं होता है। मनुष्य का मन भी है, मनुष्य का चित भी है। शरीर का सुख भी चाहिए होता है। मन का भी सुख चाहिए। बुद्धि का भी सुख चाहिए। आत्मा का भी सुख चाहिए। यह सब एक साथ चाहिए। इन सबका परस्पर संतुलन चाहिए। इस संतुलन को याद रखें तो हम एआई के मालिक बन सकते हैं।
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