
सांकेतिक तस्वीर
ओडिशा सरकार ने अपने कर्मचारियों से अद्यतन वार्षिक (Updated Annually) संपत्ति विवरण प्रस्तुत करने को कहा है। इसके बाद ही उनकी पदोन्नति (Promotion) पर विचार किया जाएगा। अधिकारियों ने कहा कि सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में 27 नवंबर को एक आदेश जारी किया था, जो रविवार को सार्वजनिक हुआ।
जारी किया गया परिपत्र
एक अधिकारी ने कहा, ‘ओडिशा सरकारी कर्मचारी आचरण (संशोधन) नियम 2021 के अनुसार, पदोन्नति के लिए संपत्ति का अद्यतन विवरण दाखिल करना एक आवश्यक शर्त है। कई विभागों ने अलग-अलग समय पर इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा था, इसलिए स्पष्टीकरण के साथ एक ताजा परिपत्र जारी किया गया है।’
संपत्ति का विवरण न देने पर नहीं रोके जाएंगे खाली पद
उन्होंने कहा, ‘जिस भी सरकारी कर्मचारी ने विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) के समक्ष अद्यतन संपत्ति विवरण जमा नहीं कराया होगा, उसे पदोन्नति के लिए ‘अनुपयुक्त’ माना जाएगा।’ अधिकारी ने कहा कि जिन कर्मचारियों ने संपत्ति विवरण जमा नहीं कराया होगा, उनके कारण रिक्त पद रोके भी नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे पदों को उन कर्मचारियों की पात्रता के आधार पर भरेगी, जिन्होंने संपत्ति विवरण संबंधी नियमों का पालन किया है।
संपत्ति विवरण जमा करने वाला प्रमोशन के लिए परफेक्ट
परिपत्र के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक के बाद सरकार द्वारा दी गई रियायत अवधि के भीतर आवश्यक संपत्ति विवरण जमा करता है और उसे पदोन्नति के लिए उपयुक्त पाया जाता है तो उसकी पदोन्नति पर डीपीसी की अगली बैठक में विचार किया जा सकता है।
जनवरी में देना होगा संपत्ति का विवरण
इसमें कहा गया है, ‘उसे उसी तिथि से राष्ट्रीय पदोन्नति दी जा सकती है, जिस दिन उसके सीनियर को पदोन्नति मिली होगी और उसकी वरिष्ठता बनी रहेगी।’ अधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों को सामान्यतः जनवरी में संपत्ति विवरण जमा करना होता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पाया कि उल्लेखनीय संख्या में कर्मचारियों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने विवरण प्रस्तुत नहीं किए थे। इसके बाद यह परिपत्र जारी किया गया। (भाषा के इनपुट के साथ)
