
आईफोन एसई
एप्पल ने अपने विंटेज और ऑबसोलेट डिवाइस की लिस्ट को अपडेट कर दिया है। अमेरिकी टेक कंपनी ने अपने दो आईफोन और आईपैड को इस लिस्ट में शामिल किया है। अब यूजर्स को इन दो डिवाइसेज के लिए कंपनी की तरफ से कोई सपोर्ट नहीं दिया जाएगा। साथ ही, इनको कंपनी के आधिकारिक सर्विस सेंटर पर रिपेयर भी नहीं किया जा सकेगा। एप्पल हर साल अपने पुराने डिवाइसेज को विंटेज और ऑबसोलेट लिस्ट में शामिल करता है। आम तौर पर कंपनी अपने 7 साल पुराने डिवाइस को इसमें शामिल करता है।
ये डिवाइसेज हुए शामिल
एप्पल ने अपने विंटेल लिस्ट में पहले iPhone SE और iPad Pro 12.9 इंच वाले टैबलेट्स को शामिल किया है। iPhone SE को 2016 और iPad Pro (12.9 इंच) को 2017 में लॉन्च किया था। इन दोनों डिवाइसेज के अलावा कंपनी ने Apple Watch Series 4 Hemes और Nike मॉडल्स को भी इस लिस्ट में शामिल किया है।
iPhone SE को 2016 में लॉन्च किया गया था। कंपनी ने इसे भारत में 39,000 रुपये की शुरुआती कीमत में पेश किया था। इसका लुक और डिजाइन iPhone 5 की तरह था। आईफोन को कंपनी ने 16GB के शुरुआती RAM वेरिएंट में पेश किया था। ये कंपनी का सबसे सस्ता आईफोन था, जिसे कंपनी ने 2018 में डिसकन्टिन्यू कर दिया था।
iPad Pro के 12.9 इंच वाले मॉडल की बात करें तो 2017 में लॉन्च हुए इस टैबलेट को कंपनी ने एक साल बाद ही डिसकन्टिन्यू कर दिया था। 2019 में कंपनी ने 10.5 इंच वाला मॉडल उतारा था, जिसने इसे रिप्लेस किया था। वहीं, एप्पल वॉच 4 सीरीज की बात करें तो 2018 में लॉन्च हुआ यह डिवाइस 2019 में बंद कर दिया गया था।
यूज करना खतरनाक
एप्पल आम तौर पर अपने 7 साल पुराने लॉन्च हुए डिवाइस को विंटेज और ऑब्सोलेट लिस्ट में शामिल करता है। इस लिस्ट में शामिल होने वाले डिवाइस का सपोर्ट बंद हो जाता है। इन डिवाइस को न तो सर्विस और न ही रिपेयर का सपोर्ट कंपनी की तरफ से मिलता है। इसके अलावा डिवाइस का डिस्ट्रीब्यूशन और सेल भी नहीं किया जा सकता है। इन डिवाइसेज में कंपनी का नया लॉन्च हुआ iOS का सपोर्ट भी नहीं मिलता है, जिसकी वजह से इनका इस्तेमाल करना खतरनाक साबित हो सकता है। हैकर्स इन डिवाइसेज को अटैक कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें –
DigiLocker को लेकर सरकार की चेतावनी, कहीं आप भी तो नहीं डाउनलोड कर रहे नकली ऐप?
