WhatsApp और Telegram के बाद Apple पर गिरी गाज, रूस में बैन हुआ फेसटाइम


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Image Source : APPLE
एप्पल फेसटाइम

WhatsApp और Telegram के बाद रूस में Apple पर बड़ा एक्शन हुआ है। रूस की रेगुलेटरी ने एप्पल के आईफोन में मिलने वाले फेस टाइम ऑडियो और वीडियो कॉलिंग फीचर को बैन कर दिया है। इसके अलावा स्नैपचेट के वीडियो कॉलिंग फीचर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। रूस की रेगुलेटरी बॉडी ने Rozkomnadzor ने कहा कि इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल देश में आतंकवादी घटनाओं के लिए किया जा रहा था।

हालांकि, यह पहला मौका नहीं है, जब रूस में किसी प्लेटफॉर्म को बैन किया गया हो। इससे पहले टेलीग्राम और वॉट्सऐप जैसे ऐप्स के ऑडियो-वीडियो कॉलिंग फीचर को देश में प्रतिबंधित किया जा चुका है। रूसी रेगुलेटर्स का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म का क्रिमिनल्स गलत इस्तेमाल कर रहे थे। मॉस्को टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल के फेसटाइम और स्नैपचैट के वीडियो कॉलिंग फीचर को पूरे देश में प्रतिबंधित कर दिया गया है।

इससे पहले रूस के TASS न्यूज एजेंसी ने 2022 में रिपोर्ट किया था कि रूसी रेगुलेटर Rozkomnadzor को लगता है कि स्नैपचैट का गलत इस्तेमाल संस्थाएं आतंकवादी गतिविधियों के लिए कर रहे हैं। 2022 में स्नैपचैट के पास रूस में 7.6 मिलियन यानी 76 लाख से ज्यादा यूजर्स थे। इसी तरह की गतिविधि एप्पल के फेसटाइम में भी पाया गया है, जिसकी वजह से रेगुलेटर को यह एक्शन लेना पड़ा है। हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि रूस की तरफ से लगाया गया यह बैन टेम्पोररी है या परमानेंट।

विदेशी प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ एक्शन तेज

रूसी रेगुलेटर लगातार इंस्टैंट मैसेजिंग और अन्य कम्युनिकेशन सर्विसेज के खिलाफ एक्शन ले रहा है। ये वो प्लेटफॉर्म्स हैं, जिन्हें विदेशी टेक कंपनियां खास तौर पर अमेरिका की कंपनियां चलाती हैं। इससे पहले अगस्त में भी रूस ने टेलीग्राम और मेटा के वॉट्सऐप के वॉइस कॉलिंग फीचर को प्रतिबंधित कर दिया था। हालांकि, रूस की तरफ से इन प्लेटफॉर्म्स को पूरी तरह से प्रतिबंधित नहीं किया गया है। मैसेजिंग सुविधा पर रोक नहीं लगाई गई है। यह प्रतिबंध ऑडियो और वीडियो कम्युनिकेशन पर लगा है।

मास्को टाइम्स की रिपोर्ट में यह भी दावा किया जा रहा है कि रूसी नागरिक VPN यानी वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क का इस्तेमाल करके इस आंशिक रिस्ट्रिक्शन को बाईपास कर रहे हैं। वहीं, रूसी एजेंसी ने बाहरी टेक कंपनियों को कानूनी नोटिस भी भेजी है और लोगों से अनुरोध किया है कि वो देश में डेवलप प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करे।

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