EXCLUSIVE: देशभक्ति का सही मतलब क्या है? विजय दिवस पर जानें Gen-Z के मन की बात


GenZ view on Vijay diwas- India TV Hindi
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भारतीय सेना के सम्मान पर Gen-Z से खास बातचीत।

Vijay Diwas Celebration: विजय दिवस पर जब देश हमारी सेना के शौर्य और बलिदान को नमन कर रहा है, तब INDIA TV ने एक नजर नई पीढ़ी यानी Gen-Z की सोच पर भी डाली। ‘भारतीय सेना’ के बारे में Gen-Z के मन में क्या छवि है, सैनिकों के समर्पण से वे कितना जुड़ाव महसूस करते हैं और आज के दौर में वे देशभक्ति को कैसे परिभाषित करते हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के Gen-Z स्टूडेंट्स से इन्हीं सवालों को लेकर बातचीत की गई। इसमें यह जानने का प्रयास किया गया कि अगर देश को कभी उनकी जरूरत पड़ जाए, तो Gen-Z खुद को किस रोल में देखते हैं- सीधे मैदान में उतरेंगे, अपने हुनर के माध्यम से योगदान देंगे या फिर फेक न्यूज-प्रोपेगेंडा के खिलाफ डिजिटल मोर्चा संभालेंगे। जानें Gen-Z ने विजय दिवस, भारतीय सेना और अपने योगदान के बारे में क्या-क्या बताया?

सवाल: जब आप ‘भारतीय सेना’ शब्द सुनते हैं, तो आपके दिमाग में पहला विचार और तस्वीर क्या बनती है?

जवाब: Gen-Z स्टूडेंट्स ने कहा कि ये शब्द सुनकर बहादुरी और त्याग याद आता है। वे हम सबकी सेवा के लिए सरहद पर खड़े रहते हैं और पूरे भारत को एक परिवार समझते हैं। हमें सैनिकों के साहस और बलिदान का विचार आता है जो वे देश के लिए करते हैं। वे अपना परिवार और सब कुछ छोड़कर देश की सेवा कर रहे हैं। हमें उनका पराक्रम याद आता है। यह कहावत याद आती है कि ‘वो रात में जागते हैं, तभी हम घर में सो पाते हैं।’ वे हमारे रक्षक हैं, और हमें उनकी इज्जत करनी चाहिए। हमारे मन में मां भारती और उनके शौर्यवान लालों की तस्वीर बनती है, जो दिन-रात, हर हालत में, अपने देशवासियों की रक्षा करते हैं। हमें उन्हें अपने सगे भाई-बहनों से बढ़कर मानना चाहिए।

सवाल: आप Gen-Z होने के नाते सेना के प्रति अपना सम्मान कैसे दिखाते हैं? आपके हिसाब से देशभक्ति का सही और सच्चा तरीका क्या है?

जवाब: इस पर Gen-Z ने कहा कि नागरिकों के तौर पर उनका सम्मान करना हमारे लिए सबसे पहली बात है। उनके द्वारा उठाए गए सुरक्षा कदमों पर कोई प्रश्नचिह्न नहीं खड़ा करना चाहिए, जैसा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद हुआ। हम एक इंफॉर्मेशन वॉर के युग में हैं। Gen-Z होने के नाते, सेना के खिलाफ बनाए जा रहे किसी भी फेक नैरेटिव का खुलकर विरोध करना और नया नैरेटिव गढ़ना चाहिए जो सेना के पक्ष में हो। हमें उनकी देशभक्ति का सम्मान करना चाहिए। हमको जागरूक होना चाहिए और सेना के खिलाफ अफवाह फैलाने या बुरा बोलने वालों के खिलाफ स्टैंड लेना चाहिए, क्योंकि वे हमारे देश के लिए बलिदान दे रहे हैं। डिजिटल और सोशल मीडिया के माध्यम से भी उनका सम्मान हम करते हैं। इसके अलावा, हमें सोशल मीडिया से अवेयरनेस क्रिएट करनी चाहिए और जो लोग सेना के बारे में अच्छे से नहीं जानते, उन्हें उनके काम और रक्षा के बारे में बताना चाहिए। सेना का सम्मान केवल भावना से किया जा सकता है और वो हैं शौर्य, तप, त्याग, और समर्पण की भावना।

सवाल 3: भारतीय सेना में आपका हीरो कौन है, जिससे आप प्रेरणा लेते हैं?

जवाब: Gen-Z स्टूडेंट्स ने कहा कि हम किसी एक हीरो का नाम नहीं ले सकते। कई हीरोज का नाम सबके सामने होता है और कई बिना नाम उजागर किए लड़ाई लड़ते हैं, जैसे- रॉ एजेंट्स। जो भी लोग सेना में काम कर रहे हैं, या खुफिया एजेंट के तौर पर देश के लिए जान लगा रहे हैं, वे सभी हम जैसे छात्रों के लिए आदर्श हैं। यह एक टीम एफर्ट है। वहीं, एक अन्य छात्र ने कहा कि मेरे आदर्श मेजर जनरल सैम मानेकशॉ हैं, जिन्होंने 1971 के युद्ध में भारतीय सेना का नेतृत्व किया था। उनकी मदद के बिना बांग्लादेश को आजादी नहीं मिल पाती।

सवाल: अगर भविष्य में कभी देश को Gen-Z की मदद की जरूरत पड़ी, तो आपका क्या रोल होगा, आप कैसे योगदान दे सकते हैं?

जवाब: उन्होंने कहा कि सबसे पहले तो प्रोपेगेंडा को बर्स्ट करना चाहिए। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसी घटना में समाज का एक तबका सामने आकर प्रूफ मांगता है। हमें उस चीज से बचना चाहिए। हमें प्रोपेगेंडा को रोकना चाहिए। हमें पाकिस्तान और एनिमी नेशंस की तरफ से फैलाए जा रहे फेक प्रोपेगेंडा से बचना चाहिए, जो देश के आत्मविश्वास को कम करते हैं।

सवाल: क्या आपको लगता है कि Gen-Z, सेना के शौर्य, बलिदान और देश के लिए उनकी जरूरत को उतना ही समझते हैं जितना पिछली पीढ़ियां समझती थीं?

जवाब: इस पर स्टूडेंट्स ने कहा कि हम Gen-Z, इंडियन आर्मी की बहुत ज्यादा रिस्पेक्ट करते हैं। हमने कारगिल युद्ध के बाद से पूरे सिस्टम को देखा है। टेररिस्ट अटैक, सर्जिकल स्ट्राइक और जवाबी कार्रवाई भी देखी है। हमने राफेल और अपाचे के बारे में सुना है। हमें लगता है कि Gen-Z को ही सबसे ज्यादा समझ है। हम सेना की भावना के साथ हैं। अगर कोई प्रोपेगेंडा करता है तो हम उसे बर्स्ट करते हैं। यह तभी होगा जब आप पढ़ते हैं, रोज पढ़ते हैं, और इन्वॉल्व रहते हैं।

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