
बोनी कपूर के हाथ से निकल गए थे गजनी के राइट्स
आमिर खान ने अपने करियर में कई ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं, जिनमें से एक ‘गजनी’ भी है। 25 दिसंबर 2008 में रिलीज हुई इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर खूब धूम मचाई थी और भारत में 114 तो वहीं दुनियाभर में 194 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन करके हलचल पैदा कर दी थी। इसी के साथ ‘गजनी’ भारत में 100 करोड़ का आंकड़ा पार करने वाली पहली बॉलीवुड फिल्म बन गई। लेकिन, हाल ही में फिल्म निर्माता बोनी कपूर ने खुलासा किया कि ‘गजनी’ के रीमेक में उन्होंने आमिर खान नहीं, बल्कि किसी और ही सुपरस्टार को देखने की कल्पना की थी, हालांकि आखिर में जाकर ये फिल्म आमिर खान को मिल गई।
‘गजनी’ में इस सुपरस्टार को देखना चाहते थे बोनी कपूर
फिल्ममेकर बोनी कपूर ने Rediff के साथ बातचीत में खुलासा किया कि उन्होंने ‘गजनी’ के हिंदी रीमेक में सलमान खान को मुख्य भूमिका में लेने की कल्पना की थी। बोनी कपूर और सलमान खान का प्रोफेशनल रिलेशन दो दशकों से भी ज्यादा पुराना है। दोनों ने ‘नो एंट्री’ (2005) और ‘वांटेड’ (2009) जैसी कई बड़ी बॉक्स-ऑफिस हिट्स में साथ काम किया। बोनी कपूर ने उस वजह का भी खुलासा किया, जिसके चलते उन्हें लगता था कि सलमान खान फिल्म के लिए बेस्ट चॉइस होते।
बोनी कपूर ने सलमान खान को ‘गजनी’ के रूप में क्यों देखा?
‘तेरे नाम’ में सलमान खान द्वारा निभाए राधे के किरदार पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा- ‘तेरे नाम के पहले भाग में सलमान खान के लंबे बाल रहते हैं, लेकिन इंटरवल के बाद के सीन में, जब उन्हें मानसिक रूप से बीमार लोगों के आश्रम में रखा जाता है, तो उन्होंने अपने बाल मुंडवा लिए थे। मुझे लगा कि उनकी फिजीक और छोटे बालों के साथ, वे गजनी में सूर्या की भूमिका के लिए बिल्कुल परफेक्ट होंगे।’ बोनी के अनुसार, सलमान खान फिजिकली इस किरदार को निभाने के लिए परफेक्ट थे।
बोनी कपूर के हाथ से निकले गजनी के राइट्स
बोनी कपूर ने याद किया कि कैसे ‘गजनी’ के राइट्स उनके हाथ से निकल गए। उन्होंने गजनी के राइट्स हासिल करने में आई मुश्किलों के बारे में बात करते हुए कहा- ‘साउथ में मेरे रिप्रेजेंटेटिव ने हिंदी रीमेक के राइट्स के लिए मेकर्स से संपर्क किया। सलीम चंद्रशेखरन ने उन्हें बताया कि ये अधिकार अल्लू अरविंद को गिरवी के तौर पर दिए हैं… लेकिन वे दोनों को पैसे देकर अधिकार खरीद सकते हैं।’
मधु मंटेना के हाथ लगे गजनी के राइट्स
अपनी बात जारी रखते हुए बोनी कपूर ने कहा- ‘फिर उन्होंने मधु मंटेना की ओर रुख किया, जो अल्लू अरविंद से घनिष्ट संबंध साझा करते थे और हालात तब बदल गए जब प्रदीप रावत के जरिए फिल्म आमिर खान तक पहुंची। लगभग 6 महीने तक, जब आमिर गजनी के हिंदी रीमेक पर सोच-विचार कर रहे थे, मधु ने मुझे लटकाए रखा और जब आमिर राजी हो गए तो मधु मंटेना और अल्लू अरविंद ने खुद फिल्म का निर्माण करने का फैसला किया और मैं इस प्रोजेक्ट से बाहर हो गया।’
सलमान खान के साथ गजनी बनाने का सपना हुआ चूर
बोनी कपूर ने बताया कि जैसे ही उनके हाथ से फिल्म के राइट्स निकले, सलमान खान के साथ गजनी बनाने का मौका भी उनके हाथ से चला गया। वह कहते हैं- ‘मैं सलमान खान के साथ गजनी बनाना चाहता था और आज भी मुझे उस मौके के हाथ से जाने का पछतावा होता है।’
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