
देश के टॉप 10 पुलिस थानों की लिस्ट जारी हो गई है।
नई दिल्ली/रायपुर: केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने देश भर के पुलिस थानों की सालाना रैंकिंग 2025 की रिपोर्ट जारी कर दी है। इस लिस्ट में दिल्ली के ईस्ट डिस्ट्रिक्ट का गाजीपुर थाना पूरे देश में नंबर-1 पर रहा। वहीं, अंडमान-निकोबार के साउथ अंडमान का पहाड़गांव थाना दूसरे और कर्नाटक के रायचूर का कविताल थाना तीसरे स्थान पर है। बता दें कि यह रैंकिंग पुलिस के कामकाज के आधार पर दी जाती है। गृह मंत्रालय हर साल देश भर के पुलिस थानों का सर्वे करता है और उनके काम के आधार पर रैंकिंग की रिपोर्ट जारी करता है।
टॉप-10 की रैंकिंग में शामिल हुए ये थाने
DGP/IGP की बैठक में देश के सभी थानों को कई पैमानों पर जांचा जाता है और उसके अनुसार रैंक दी जाती है। टॉप-10 पुलिस थानों की पूरी लिस्ट ये रही:
- गाजीपुर (ईस्ट डिस्ट्रिक्ट, दिल्ली)
- पहाड़गांव (साउथ अंडमान, अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह)
- कविताल (रायचूर, कर्नाटक)
- चौका (सरायकेला, झारखंड)
- बिचोलिम (नॉर्थ गोवा, गोवा)
- सोहरा (ईस्ट खासी हिल्स, मेघालय)
- शमीरपेट (साइबराबाद पुलिस कमिश्नरेट, तेलंगाना)
- बहौर (पुडुचेरी)
- मल्हारगढ़ (मंदसौर, मध्य प्रदेश)
- रतन नगर (चूरू, राजस्थान)
रायपुर बैठक में जारी की गई थानों की रैंकिंग
गृह मंत्रालय की ‘पुलिस थानों की रैंकिंग 2025’ की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, यह रैंकिंग DGP/IGP की सालाना बैठक के दौरान जारी की जाती है, जहां देश के सबसे अच्छे थानों को चुना जाता है और उन्हें सम्मान दिया जाता है। इस बार यह सम्मान रायपुर में हुई DGP/IGP बैठक में प्रदान किया गया। बता दें कि देश के सबसे अच्छे थाने चुनने की प्रक्रिया में एक स्वतंत्र एजेंसी थानों का मौके पर निरीक्षण करती है। जांच के कई पहलू होते हैं, जैसे अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (CCTNS) का डेटा, अपराध के आंकड़े, महिलाओं के खिलाफ अपराध, कमजोर वर्गों पर अत्याचार, थाने की इमारत और सुविधाएं और लोगों की राय आदि।
देश के 18 हजार थानों में सबसे अच्छे चुने गए
इसके अलावा सफाई, आईटी संसाधन, फोरेंसिक सुविधाएं, पुलिस संचार और डिजिटल रिकॉर्ड, पुलिस की सक्रिय पहल और आम लोगों से पुलिसकर्मियों का व्यवहार भी मायने रखता है। रिपोर्ट किए गए मामलों का निपटारा और चार्जशीट दाखिल करने की दक्षता भी जांच के अन्य महत्वपूर्ण पैमानों में शामिल होता है। इस सर्वे के बाद गृह मंत्रालय ने पुलिस थानों की राष्ट्रीय रैंकिंग जारी करता है। देश में 18 हजार से ज्यादा पुलिस थानों में से इन थानों ने अपनी जगह बनाई है। यह रैंकिंग न सिर्फ अच्छे काम करने वाले थानों को प्रोत्साहन देती है, बल्कि दूसरे थानों के लिए भी एक मिसाल कायम करती है।
