सरसों या बथुआ, कौन सा साग सेहत के लिए है ज्यादा फायदेमंद? Sarso ya bathua, kaun sa saag sehat ke liye hai jyada faydemand


सरसों या बथुआ, कौन सा साग सेहत के लिए है ज्यादा फायदेमंद?- India TV Hindi

सरसों या बथुआ, कौन सा साग सेहत के लिए है ज्यादा फायदेमंद?

सरसों और बथुआ, दोनों ही साग सर्दियों के सुपरफूड माने जाते हैं और सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं। लेकिन दोनों साग सेहत को अलग अलग तरह से फायदे पहुंचाते हैं। दोनों साग स्वादिष्ट होने के साथ साथ पोषक तत्वों से भी भरपूर होते हैं, लेकिन सरसों और बथुआ में से सेहत के लिए कैन सा साग ज्यादा फायदेमंद है। ये सवाल ज्यादातर लोगों के मन में आता है। अगर आप भी जानना चाहते हैं कि सरसों और बथुआ के साग में कौन सा ज्यादा फायदेमंद है, तो ये आर्टिकल आपके लिए है। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं कौन सा साग है सेहत का असली खजाना।

सरसों के पोषक तत्व

सरसों का साग पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें विटामिन K, A, और C पाए जाते हैं। इसके साथ ही यह फाइबर, कैल्शियम, आयरन, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट्स से भी भरपूर होते हैं, जो हार्ट हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।

बथुआ के पोषक तत्व

बथुआ का साग पोषक तत्वों का खजाना है, जिसमें विटामिन A, C, K, B-कॉम्प्लेक्स, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम, जिंक, फास्फोरस, फाइबर, और अमीनो एसिड्स पाए जाते हैं। ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।

बथुआ साग के फायदे

हड्डियों के लिए

बथुआ में सरसों के मुकाबले कैल्शियम की मात्रा काफी ज्यादा होती है, जो दांतों और हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए इसे बेहतर विकल्प बनाती है।

पेट की सफाई

यह एक नेचुरल ‘लैक्सेटिव’ (Laxative) है, जो कब्ज को दूर करने और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने (Detox) में सरसों से थोड़ा अधिक प्रभावी है।

यूरिक एसिड

बथुआ को यूरिक एसिड कम करने और जोड़ों के दर्द में राहत देने के लिए बहुत कारगर माना जाता है।

सरसों के साग के फायदे

वजन घटाने में

सरसों के साग में कैलोरी बहुत कम होती है, इसलिए जो लोग डाइट पर हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।

हार्ट हेल्थ

इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर की मात्रा हृदय स्वास्थ्य और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करती है।

आंखों के लिए

सरसों में विटामिन A और C का अच्छा मेल होता है जो आंखों की रोशनी और इम्यूनिटी के लिए शानदार है।

कौन सा ज्यादा बेहतर है

देखा जाए तो आयुर्वेद और पोषण विज्ञान दोनों ही इनका मिश्रण खाने की सलाह देते हैं। आमतौर पर सरसों का साग अकेले नहीं बनाया जाता उसमें बथुआ और पालक मिलाया जाता है ताकि बथुआ सरसों की ‘गरम तासीर’ को संतुलित कर सके। आपको दोनों के पोषक तत्व एक साथ मिल सकें। ऐसे में अगर आपको जोड़ों में दर्द या कब्ज की समस्या रहती है, तो बथुआ का साग खाएं। यदि आप वजन कम करना चाहते हैं या दिल की सेहत पर ध्यान दे रहे हैं, तो सरसों का साग बेहतर विकल्प है। 

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

 

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