
पुलिस हिरासत में आरोपी
सूरतः सूरत में आम आदमी पार्टी (आप) के नेता श्रवण जोशी को गिरफ्तार किया गया है। सूरत एसओजी की टीम आप यूथ विंग के महामंत्री श्रवण जोशी को जबरन वसूली के मामले में गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। जानकारी के मुताबिक, सूरत शहर के लिंबायत इलाके में सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त सस्ती अनाज की दुकान के मालिक ने आम आदमी पार्टी से जुड़े महामंत्री और कार्यकर्ता पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। दुकान मालिक निलेश मोरे ने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर बदनाम करने ओर दुकान का लाइसेंस सस्पेंड करवाने की धमकी देकर जबरन एक लाख रूपये वसूले गए। जिसका वीडियो भी सामने आया है।
दुकानदार ने लगाया है ये गंभीर आरोप
शिकायत के अनुसार, 13 अक्टूबर को सुबह करीब 10 बजे श्रवण जोशी अपने साथी के साथ आया था। दोनों ने दुकान पर आकर कालाबाजारी करने, ग्राहकों को कम अनाज देने ओर लाइसेंस रद्द करवाने की धमकी दी। इस दौरान उन्होंने मोबाइल फोन से वीडियो बनाया और ग्राहकों को भड़काने का प्रयास किया, जिसे बाद में सोशल मीडिया में वायरल करने की धमकी दी।
कुछ दिन बाद श्रवण जोशी का साथी दुकान पर आया और धमकी दी कि दुकान अगर नियमित रूप से चलनी है तो हमें एक लाख रूपये की रंगदारी देनी पड़ेगी। लगातार धमकियों से डरे दुकानदार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवा दी। सूरत एसओजी के डीसीपी राजवीर सिंह नकुम ने बताया कि सूरत के लिंबायत विस्तार के आम आदमी पार्टी के महामंत्री श्रवण जोशी, उनका साथी संपत चौधरी ओर एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रंगदारी का मामला दर्ज किया है। हमें फरियाद मिली थी कि सरकार मान्य सस्ता अनाज की दुकान पर जाकर धमकाते थे कि आप सरकार के राशन की कालाबाजारी करते हो और गरीबों का अनाज कम देते हो। ऐसी धमकी देकर 1 लाख रूपये की फिरौती मांगी थी। पैसा नहीं देने पर सोशल मीडिया में वीडियो वायरल कर देने की धमकी भी दी थी।
पुलिस कर रही मामले की जांच
दुकान मालिक ने जब आम आदमी पार्टी के महामंत्री श्रवण चौधरी को पैसे दिए तब सबूत के तौर पर उनका वीडियो भी बना लिया था। पुलिस ने श्रवण जोशी ओर उनके साथी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
आप ने गिरफ्तारी की निंद की
आम आदमी पार्टी के सूरत शहर अध्यक्ष धर्मेश भंडेरी ने अपनी पार्टी के नेता की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि श्रवण जोशी सरकार के भ्रष्टाचार की पोल खोल रहे थे। इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है।
रिपोर्ट: शैलेष चांपानेरिया, सूरत
