
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में जारी प्रदर्शनों पर बड़ी चेतावनी दी है।
US Iran Tensions: ईरान में इन दिनों बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं जो आर्थिक समस्याओं से शुरू हुए लेकिन अब सरकार विरोधी नारों तक पहुंच गए हैं। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के शीर्ष अधिकारियों के बीच जुबानी जंग जारी है। जून में अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। मौजूदा हालात में सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका अब प्रदर्शनों के बीच ईरान पर हमला कर सकता है? ट्रंप का अगला कदम क्या हो सकता है? आइए इसे समझने की कोशिश करते हैं।
ईरान में आखिर प्रदर्शन की आग क्यों भड़की?
ईरान में पिछले 6 दिनों से प्रदर्शन जारी हैं और ये 2022 के बाद सबसे बड़े पैमाने पर हो रहे हैं। ये प्रदर्शन ईरान की मुद्रा रियाल में गिरावट के मुद्दे पर शुरू हुए, लेकिन अब लोग सरकार विरोधी नारे लगा रहे हैं। प्रदर्शनों में कम से कम 8 लोगों की मौत हो चुकी है और ये 31 में से 22 प्रांतों के 100 से ज्यादा जगहों पर फैल चुके हैं। ये प्रदर्शन 2022 के उन प्रदर्शनों जितने बड़े नहीं हैं, जो 22 साल की महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत से शुरू हुए थे। अमिनी को हिजाब ठीक से न पहनने पर प्रताड़ित किया गया था और बाद में उसकी मौत हो गई थी। अब के प्रदर्शन आर्थिक मुश्किलों से जुड़े हैं, और 1 अमेरिकी डॉलर के 14 लाख रियाल के बराबर होने पर शुरू हुए थे।

ईरान के कई शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
ईरान के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन
बता दें कि देश की राजधानी तेहरान में जिंदगी सामान्य चल रही है, लेकिन दूसरे शहरों में हंगामा है। सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के जाहेदान में लोग सड़कों पर उतरे। सुरक्षाबलों की कार्रवाई में मारे गए कई प्रदर्शनकारी मारे भी गए हैं जिसके बाद बवाल और बढ़ गया है। एक वीडियो में दिखा कि 21 साल के अमीरहेसाम खोदायारी के अंतिम संस्कार में लोग सुरक्षा बलों को भगा रहे हैं। खोदायारी को बुधवार को लोरेस्तान प्रांत के कोहदश्त में मार दिया गया था। उसके पिता ने कहा कि उनका बेटा रिवोल्यूशनरी गार्ड की बसिज फोर्स में नहीं था, जैसा सरकार दावा कर रही थी। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली सरकार प्रदर्शनकारियों से बातचीत की कोशिश कर रही है।
डोनाल्ड ट्रंप का पोस्ट और ईरान का जवाब
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट करते हुए ईरान को बड़ी चेतावनी दी। उन्होंने लिखा, ‘अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिंसक तरीके से मारता है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आएगा। हम तैयार हैं और वहां जाने को तैयार हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति की इस पोस्ट पर ईरान के शीर्ष अधिकारियों ने तुरंत जवाब दिया। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सेक्रेटरी अली लारीजानी ने कहा कि इजरायल और अमेरिका प्रदर्शनों को भड़का रहे हैं। उन्होंने ‘X’ पर लिखा, ‘ट्रंप को पता होना चाहिए कि अमेरिका का घरेलू मामलों में दखल पूरे इलाके में अराजकता लाएगा और अमेरिकी हितों को नुकसान पहुंचाएगा। अमेरिका को अपने सैनिकों की चिंता करनी चाहिए।
अन्य ईरानी नेताओं ने भी दी सख्त चेतावनी
सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनी के सलाहकार अली शामखानी, जो पहले काउंसिल के सेक्रेटरी थे, ने अलग से चेतावनी दी, ‘कोई भी हस्तक्षेप करने वाला हाथ जो ईरान की सुरक्षा के करीब आएगा, उसे काट दिया जाएगा।’ ईरान के UN एंबेसडर अमीर सईद इरावानी ने UN महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सिक्योरिटी काउंसिल को चिट्ठी लिखी। इसमें कहा गया कि UN इन धमकियों की निंदा करे और ईरान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, राष्ट्रीय सुरक्षा और लोगों की रक्षा के अधिकार की पुष्टि करे। इरावानी ने लिखा, ‘अमेरिका इन गैरकानूनी धमकियों और इससे होने वाली किसी भी बढ़ोतरी के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है।’
ट्रंप का अगला कदम क्या हो सकता है?
ध्यान देने वाली बात यह है कि अभी ईरान के आसपास अमेरिका द्वारा कोई बड़ी सैन्य गतिविधि देखने को नहीं मिली है, लेकिन ट्रंप की ‘लॉक्ड एंड लोडेड’ वाली धमकी से तनाव बढ़ा है। ईरान अगर प्रदर्शनकारियों पर ज्यादा हिंसा करेगा, तो अमेरिका हस्तक्षेप कर सकता है। हालांकि एक्सपर्ट्स का कहना है कि इससे पूरे इलाके में अराजकता फैल सकती है। माना जा रहा है कि ट्रंप फिलहाल बातचीत को ही ज्यादा तवज्जो देंगे लेकिन ईरान में अगर बड़े पैमाने पर हिंसा हुई तो अमेरिका जंग में उतर सकता है। इस तरह देखा जाए तो अमेरिका का अगला कोई भी कदम प्रदर्शनों की तीव्रता और ट्रंप की रणनीति पर निर्भर करेगा।
