
दिल्ली की ट्रैफिक समस्या को कम करने और शहर के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने के लिए राजधानी इस साल तीन हाई-टेक डबल डेकर कॉरिडोर का गवाह बनेगी। फेज चार के तीन प्राथमिकता वाले मेट्रो कॉरिडोर के तैयार होने के साथ ही, इन कॉरिडोरों पर ऊपर मेट्रो, बीच में फ्लाईओवर और नीचे सड़क पर बसें चल सकेंगी। इससे राजधानी में आवागमन तेज और सुविधाजनक होगा, जबकि ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी।
दिल्ली में अभी तक एक भी डबल डेकर कॉरिडोर नहीं है। लेकिन फेज चार में पहली बार इस तरह के कॉरिडोर बनाने की पहल की गई। मजलिस पार्क-मौजपुर, आजादपुर-डेरावल नगर और भजनपुरा-यमुना विहार कॉरिडोर पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। मजलिस पार्क-मौजपुर कॉरिडोर पर सबसे पहले डबल डेकर का निर्माण शुरू हुआ, जो अब लगभग तैयार है। फ्लाईओवर का रैंप तैयार होने के बाद इसे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।
संगम विहार से अंबेडकर नगर : 2.4 किलोमीटर
पहले कॉरिडोर संगम विहार से अंबेडकर नगर तक 2.4 किलोमीटर लंबा है। डीएमआरसी के अनुसार यहां 85 प्रतिशत पिलर काम पूरा हो चुका है और डेक स्लैब निर्माण जारी है। छह लेन का फ्लाईओवर बनते ही महरौली-बदरपुर रोड पर जाम की समस्या में बड़ी राहत मिलेगी।
आजादपुर से डेरावल नगर: 880 मीटर
दूसरा कॉरिडोर आजादपुर से डेरावल नगर तक है, जो 880 मीटर लंबा डबल डेकर हिस्सा शामिल करता है। जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर पर बन रहे इस फ्लाईओवर के नींव और पिलर का 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। वर्ष के अंत तक इसे वाहनों के लिए खोलने का दावा किया गया है।
भजनपुरा से यमुना विहार : 1.4 किलोमीटर
तीसरा कॉरिडोर भजनपुरा से यमुना विहार तक 1.4 किलोमीटर लंबा है। पेड़ कटान की अनुमति में देरी के बावजूद फ्लाईओवर के रैंप का निर्माण हाल ही में शुरू किया गया है। डीएमआरसी के अनुसार, मेट्रो परिचालन के लिए कॉरिडोर पूरी तरह तैयार है। अगले कुछ महीनों में छह लेन वाला फ्लाईओवर भी वाहनों के लिए चालू कर दिया जाएगा।
एक ही पिलर निर्माण
तीनों डबल डेकर कॉरिडोरों के निर्माण में एक ही पिलर पर मेट्रो और फ्लाईओवर का काम हो रहा है, जिससे भूमि उपयोग कम होगा और निर्माण लागत भी नियंत्रित रहेगी। दिल्लीवासियों को इस साल से ही नए हाई-टेक कॉरिडोर का अनुभव मिलने की उम्मीद है, जो शहर के ट्रैफिक और आवागमन के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाएंगे।
