
महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर
महाराष्ट्र में बड़ा सियासी उलटफेर देखने को मिल रहा है। शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद उसे सत्ता से बाहर रखने के लिए बनाई गई भाजपा-नेतृत्व वाली गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के चार पार्षदों ने भाजपा समर्थित व्यवस्था से अपना समर्थन वापस ले लिया है। इसके बाद शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस और एक निर्दलीय पार्षद के समर्थन से परिषद में स्पष्ट बहुमत होने का दावा किया जा रहा है।
एनसीपी पार्षदों ने कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करने को लेकर असहजता जताई है। स्थानीय नेताओं का कहना है कि वे 2023 से कांग्रेस का विरोध करते आ रहे हैं और उसके साथ गठबंधन स्वीकार्य नहीं है। उनका यह भी कहना है कि चुनाव के बाद जनादेश महायुति के पक्ष में था, न कि कांग्रेस के साथ गठबंधन के लिए।
इस घटनाक्रम को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवि चव्हाण के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। उन्हीं की पहल पर कांग्रेस के साथ गठबंधन किया गया था और बाद में निष्कासित कांग्रेस पार्षदों को भाजपा में शामिल कराया गया।
अंबरनाथ नगर परिषद की वर्तमान स्थिति:
• शिवसेना: 27
• शिवसेना को समर्थन देने वाला निर्दलीय: 1
• राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट): 4
• शिवसेना समर्थक कुल संख्या: 32
• भाजपा: 14
• कांग्रेस: 12
