मेरठ में मां की हत्या के बाद बेटी के अपहरण का मामलाः पीड़ित परिजनों से मिलने के लिए चन्द्रशेखर ने लगाई दौड़, सपा नेताओं की पुलिस से हॉट-टॉक


सांसद चन्द्रशेखर आजाद - India TV Hindi
Image Source : REPORTER
सांसद चन्द्रशेखर आजाद

मेरठ में मां की हत्या के बाद बेटी के अपहरण का मामला गरमा गया है। सपा के राष्ट्रीय महासचिव व सांसद रामजीलाल सुमन और आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष व नगीना के सांसद चन्द्रशेखर आजाद मेरठ पहुंचे। अलग-अलग समय पर मेरठ जा रहे दोनों नेताओं को पुलिस ने रोका तो टोल प्लाजा पर पुलिस से बहस भी हुई। दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी भी की। 

सड़क पर दौड़ते दिखे चन्द्रशेखर आजाद 

नगीना के सांसद चन्द्रशेखर आजाद मेरठ पहुंचने के लिए सड़क पर दौड़ लगाते दिखे। काफी गहमागहमी के बीच वह बाइक से मेरठ टोल प्लाजा पहुंचे। इंडिया टीवी से बात करते हुए चंद्रशेखर ने कहा कि मेरी मां की हत्या हुई है, बेटी अगवा की गई। 50 घंटे बीत चुके है। बेटी का कुछ पता नहीं चला है। कुछ लोग बेटी को बदनाम करने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों को संरक्षण प्राप्त है। ऐसा नहीं होना चाहिए।

सांसद चन्द्रशेखर आजाद

Image Source : REPORTER

सांसद चन्द्रशेखर आजाद

चन्द्रशेखर ने कहा कि कहा जाता है उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था बहुत अच्छी है। जीरों टालरेंस की नीति पर काम होता है, बताइये बेटी को बचाने के चक्कर में मां की हत्या हो जाती है। बेटी  के चरित्र हनन की कोशिश निंदनीय है। बिटिया की शादी कहीं और तय हो गई थी। आरोपी काफी समय से परेशान कर रहा था। बेटी को उठाने के लिए मां को रास्ते से हटाया। पुलिस-प्रशासन क्यों रोक रहा है। इसका कारण वही बताए।  

सपा नेताओं की पुलिस से बहस

वहीं, सपा के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद रामजीलाल सुमन मेरठ पहुंचे। काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने उन्हें रोका दिया। पुलिस और सपा नेताओं, सरधना विधायक अतुल प्रधान में हॉट-टॉक हुई। गांव के बाहर पुलिस फोर्स तैनात की है। 

बता दें कि गुरुवार को मेरठ के कपसाद गांव में एक 50 साल की दलित महिला की कथित अपहरणकर्ताओं से अपनी बेटी को बचाने की कोशिश में जान चली गई। महिला के सिर पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जब वह अपनी 20 साल की बेटी और दो आदमियों के बीच आई, जिन्होंने कथित तौर पर छोटी लड़की को अगवा करने की कोशिश की थी। आरोपी मां पर हमला करने के बाद बेटी को लेकर भाग गए, जिसकी बाद में अस्पताल में चोटों के कारण मौत हो गई। पुलिस ने आरोपियों की पहचान पारस सोम (23) और सुनील कुमार (25) के रूप में की है, दोनों उसी गांव के रहने वाले हैं।





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *