
ईरान के निर्वासित प्रिंस रेजा पहलवी ने भेजा संदेश।
ईरान में विरोध प्रदर्शनों के बीच निर्वासित क्राउन प्रिंस रेज़ा पहलावी ने एक फिर ईरान की जनता के नाम संदेश जारी किया है। पहलावी ने ईरान की सेना के नाम संदेश जारी किया है…पहलावी ने सेना से कहा है कि वो ईरान की राष्ट्रीय सेना हैं, इस्लामी गणराज्य की सेना नहीं हैं। इसलिए उनका कर्तव्य है कि वो अपने देशवासियों के जीवन की रक्षा करें। पहलावी ने ट्रंप के बयान का हवाला देते हुए कहा कि मदद आ रही है और अपराध करने वालों को सज़ा दी जाएगी।
क्या बोले पहलवी?
रेज़ा पहलवी ने अपने संदेश में कहा- “दुनिया ने न सिर्फ आपकी आवाज़ और साहस को देखा और सुना है, बल्कि अब वह प्रतिक्रिया भी दे रही है। अब तक आप शायद संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति का संदेश सुन चुके होंगे। मदद आ रही है। लड़ाई जारी रखें, जैसा कि आप अब तक करते आए हैं। इस शासन को यह भ्रम पैदा करने की अनुमति न दें कि जीवन सामान्य है। सभी नरसंहारों के बाद, हमारे और इस शासन के बीच खून का सागर है। इन सभी अपराधियों के नाम याद रखें। उन्हें उनके किए की सज़ा मिलेगी। लेकिन मेरे पास सेना के सदस्यों के लिए भी एक विशेष संदेश है। आप ईरान की राष्ट्रीय सेना हैं, इस्लामी गणराज्य की सेना नहीं। आपका कर्तव्य है कि आप अपने देशवासियों के जीवन की रक्षा करें।”
सरकार के सपोर्टर और विरोधीआमने सामने
ईरान के कई इलाकों में सरकार के सपोर्टर और विरोधी गुट आमने सामने हैं। शिराज़, इस्फ़हान, बुशहर, कराज, अहवज़, करमनशाह और रश्त शहरों में हज़ारों लोग ख़ामेनेई की सत्ता के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी करते हुए सड़कों पर आए हैं। प्रदर्शनकारियों में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थी। ईरान में महिलाओं पर हिजाब के बग़ैर घरों से निकलने पर पाबंदी है। इसलिए आज कई शहरों में महिलाओं ने हिजाब उतारकर सड़क पर फेंक दिए और डांस करके अपनी इस आज़ादी का जश्न मनाया।
मदद भेजी जा रही है- डोनाल्ड ट्रंप
ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच बड़ी खबर अमेरिका से आ रही है जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान कर दिया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान में खामनेई शासन के खिलाफ प्रदर्शनकारियों को उकसाते हुए उनसे सरकारी बिल्डिंगों पर कब्ज़ा करने के लिए कहा है। साथ ही ट्रंप ने वादा भी किया है कि उनके लिए मदद भेजी जा रही है। ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों को ये मैसेज दिया है कि वो उन लोगों के नाम नोट कर लें जिन्होंने प्रदर्शनकारियों पर ज़ुल्म किया है। इसके साथ ही ट्रंप ने कह दिया है कि उन्होंने ईरान के किसी भी अधिकारी के साथ बातचीत से इनकार कर दिया है। ट्रंप या ये बयान ऐसे वक्त में आया है जब ईरान ने पहली बार के कबूल किया है कि खामनेई शासन में विरोध प्रदर्शन के दौरान 2 हज़ार से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। हालांकि, मानवाधिकार संस्थाओं का दावा है कि मरने वालों का आंकड़ा कहीं ज्यादा हो सकता है।
