14 दिन में 4 करोड़ की ठगी… निवेश के नाम पर चपत लगाने वाला गिरोह बेनकाब, 8 ठग पकड़े गए


तस्वीर में पकड़े गए गिरोह के तीन सदस्य- India TV Hindi
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तस्वीर में पकड़े गए गिरोह के तीन सदस्य

नई दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम जिला साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े ऑपरेशन के तहत निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के 8 कुख्यात सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार कंबोडिया जैसे देशों में बैठे विदेशी आकाओं से जुड़े हुए थे।

14 दिनों में 4 करोड़ का ट्रांजेक्शन

डीसीपी दक्षिण-पश्चिम जिला अमित गोयल के मुताबिक, इस कार्रवाई में पुलिस ने 10 हाई-टेक मोबाइल फोन और 13 सिम कार्ड बरामद किए हैं, जिनमें कई म्यूल (फर्जी) बैंक खातों और लेन-देन का पूरा विवरण मौजूद था। जांच में यह भी सामने आया कि महज 14 दिनों में करीब 4 करोड़ रुपये एक म्यूल खाते में जमा कराए गए थे, जबकि 63 एनसीआरपी शिकायतें इस गिरोह से जुड़ी पाई गई हैं।

ऐसे बिछाया ठगी का जाल

पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। ठग विदेशी नंबरों के जरिए व्हाट्सएप पर लोगों से संपर्क करते थे। पीड़ितों को शेयर ट्रेडिंग में निवेश कर ‘गारंटीड मुनाफे’ का लालच दिया जाता था। निवेश के लिए नकली वेबसाइट्स और ऐप्स का सहारा लिया जाता था, जहां मुनाफा केवल स्क्रीन पर दिखाई देता था। ठगी की रकम को पहले भारत में मौजूद विभिन्न ‘म्यूल’ बैंक खातों में मंगाया जाता था। इसके बाद पुलिस को चकमा देने के लिए पैसे को कई खातों में घुमाया जाता और अंततः विदेश (खासकर कंबोडिया) में बैठे सरगनाओं तक पहुंचा दिया जाता था।

MBA ग्रेजुएट निकला मुख्य खिलाड़ी

गिरफ्तार आरोपियों में सोमपाल (34) का नाम चौंकाने वाला है। बरेली का रहने वाला सोमपाल एक MBA ग्रेजुएट है और पहले अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी चलाता था। कंपनी घाटे में जाने के बाद उसने अपना कॉर्पोरेट बैंक खाता साइबर ठगों को बेच दिया। अकेले सोमपाल के खाते से ही 51 ठगी की शिकायतें जुड़ी हुई पाई गई हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान –

  1. वनापाटला सुनील कुमार (43), तेलंगाना
  2. सकिनाला शंकर (61), तेलंगाना
  3. मनोज यादव (38), संत कबीर नगर, यूपी
  4. संदीप सिंह उर्फ लंकेश (30), बनारस, यूपी
  5. आदित्य प्रताप सिंह (23), राजस्थान
  6. राहुल (30), दिल्ली
  7. शेरू (38), दिल्ली
  8. सोमपाल (34), बरेली, यूपी

कैसे पकड़े गए आरोपी?

इस मामले की शुरुआत 7 नवंबर 2025 को वसंत कुंज निवासी एक महिला की शिकायत से हुई, जिनसे 15.58 लाख रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस ने तकनीकी निगरानी, मनी ट्रेल (पैसों के लेनदेन की कड़ी) और डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए तेलंगाना, यूपी, राजस्थान और दिल्ली में छापेमारी कर इन आरोपियों को दबोचा।

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