इंटरनेट बंद.. रैपिड एक्शन फोर्स तैनात, आखिर कोकराझार में अचानक क्यों भड़क उठी हिंसा?


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असम में हिंसा

कोकराझार/गुवाहाटी: असम का कोकराझार जिला एक बार फिर हिंसा से सुलग उठा। मंगलवार को भीड़ की हिंसा के बाद कथित तौर पर बोडो और आदिवासियों के बीच झड़प हुई। इसमें एक शख्स की मौत हो गई। हालात को संभालने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात करना पड़ा और  इंटरनेट/मोबाइल डेटा सेवाएं अस्थायी तौर पर सस्पेंड कर दी गईं। 

सीएम ने शांति की अपील की

प्रदेश के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि सेना की तैनाती के लिए प्रक्रिया जारी है और कोकराझार जिले में झड़पों और भीड़ की हिंसा के बाद आरएएफ पहले से मौके पर मौजूद है। शर्मा ने कहा कि कोकराझार और पड़ोसी चिरांग जिले में इंटरनेट/मोबाइल डेटा सेवाएं सस्पेंड कर दी गई हैं। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और सरकार की मदद करने की अपील की। मुख्यमंत्री फिलहाल विदेश यात्रा पर हैं। वे विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) की बैठक में भाग लेने के लिए दावोस गए हुए हैं। 

उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह राज्य सरकार और जिला प्रशासन के सीनियर अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हालात जल्द से जल्द सामान्य हो जाए। उन्होंने राजनीतिक दलों और नागरिक समाज के नेताओं से जिले में सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग देने की अपील भी की। पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह, सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ कोकराझार के लिए रवाना हो गए हैं। 

अचानक क्यों भड़क उठी हिंसा? 

गृह विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सोमवार रात एक हादसे के बाद हिंसा भड़क उठी। उन्होंने बताया कि कोकराझार थाने के अंतर्गत करीगांव चौकी क्षेत्र में मानसिंह रोड पर तीन बोडो लोगों को ले जा रहे एक वाहन से दो आदिवासियों को टक्कर लग गयी। इसके बाद आदिवासी ग्रामीणों ने तीनों बोडो लोगों के साथ मारपीट की और वाहन में आग लगा दी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई। 

भीड़ ने आगजनी की, पुलिस चौकी पर हमला

मंगलवार को हालात तब और बिगड़ गए जब बोडो और आदिवासी दोनों समुदायों ने करीगांव चौकी के पास नेशनल हाईवे को जाम कर दिया, टायर और कुछ घरों को जला दिया, एक सरकारी कार्यालय में आग लगा दी और करीगांव पुलिस चौकी पर हमला कर दिया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे, जिसमें कुछ पुलिसकर्मियों सहित कई लोग घायल हो गए। कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोकने और उसे नियंत्रित करने के लिए त्वरित कार्रवाई बल को तैनात किया गया है। 

हालात पर काबू पाने की कोशिश जारी

बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) के प्रमुख हाग्रामा मोहिलारी ने कहा कि हालात ‘गंभीर है लेकिन इस क्षेत्र में रहने वाले बोडो और आदिवासियों के बीच कोई गलतफहमी नहीं होनी चाहिए’। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बीटीसी के नियंत्रण में नहीं है और संबंधित एजेंसियां हालात पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। मोहिलारी ने कहा, ‘लोगों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन यह लोकतांत्रिक तरीके से किया जाना चाहिए और लोगों को हिंसा का सहारा नहीं लेना चाहिए।’ गृह विभाग ने सोशल मीडिया और इंटरनेट का इस्तेमाल भड़काऊ संदेशों और अफवाहों को फैलाने के लिए किए जाने की आशंका को देखते हुए अगले आदेश तक कोकराझार और चिरांग जिलों में सभी मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर की इंटरनेट/मोबाइल डेटा सेवा को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है।

 

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