Budget 2026: बजट से टेक सेक्टर की मांग, AI को स्ट्रेटेजिक नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर मिले मदद


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आईटी एंड टेक बजट 2026

IT and Tech Budget 2026: भारत का आम बजट पेश होने में केवल 9 दिन बाकी रह गए हैं और 1 फरवरी 2026 को रविवार के दिन केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 9वां बजट पेश करेंगी। देश के सभी सेक्टर्स की ही तरह इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और टेक सेक्टर की भी अपनी कुछ खास मांगें हैं और इनके लिए बजट में क्या कुछ मिलने वाला है, इस पर नजरें हैं। जानिए बजट 2026 से टेक सेक्टर की कुछ खास उम्मीदों के बारे में यहां-

एआई को स्ट्रेटेजिक नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में बदलने में मदद करे बजट- टेक सेक्टर

एआई को देखने के नजरिए में बेसिक बदलाव की जरूरत को देखते हुए एआई को एक स्वतंत्र सॉफ्टवेयर सेगमेंट के बजाय रणनीतिक स्ट्रेटेजिक नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में देखा जाए। भारत एआई क्रांति के मुहाने पर खड़ा है, ऐसे में देश के बजट में एआई को सिर्फ एक सॉफ्टवेयर सेक्टर के रूप में देखने के बजाय इसे एनर्जी या टेलीकॉम के जैसे ही स्ट्रेटेजिक नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में देखना चाहिए। 

एआई को अपनाना और MSME का डिजिटलीकरण जरूरी

भारत के डिजिटल बदलाव ने स्पीड पकड़ ली है, लेकिन डेवलपमेंट का अगला चरण अलग-अलग इंडस्ट्रीज, खास तौर से एमएसएमई में एआई को व्यापक स्तर पर अपनाने पर निर्भर करता है, जहां बड़े कॉर्पोरेशन की तुलना में एआई का एक्जीक्यूशन अभी भी सीमित है। इसके अलावा बजट 2026 से जो उम्मीदें हैं वो एआई-बेस्ड लॉजिस्टिक्स और सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी तक भी फैली हुई हैं। सप्लाई चेन टेक्नोलॉजी के लिए सरकार की ओर से बड़े ऐलानों की जरूरत है और बजट इसके लिए खासा अच्छा मौका साबित हो सकता है।

आईटी एंड टेक रिसर्च एंड डेवलपमेंट्स के खर्च के अंतर को घटाया जाए

इस बार के बजट में भारत के रिसर्च एंड डेवलपमेंट्स के खर्च के अंतर को पाटने की जरूरत पर बल दिया जाना चाहिए और रिसर्च एंड डेवलपमेंट्स के लिए 200 परसेंट वेटेड डिडक्शन को बहाल करने की जरूरत है। खास तौर से लंबी अवधि वाले डीप-टेक स्टार्टअप्स को सपोर्ट देने के लिए इसकी भारी जरूरत है।

नेशनल ‘कंप्यूट क्रेडिट’ प्लान की जरूरत 

कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, कैपिटल और मैन्यूफेक्चरिंग इंसेंटिव्स के तहत आने वाली हाई परफॉरमेंस कंप्यूटिंग तक किफायती पहुंच एआई स्टार्टअप्स के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इस सेक्टर को जीपीयू और टीपीयू जैसे अहम एआई हार्डवेयर पर कस्टम ड्यूटी छूट के साथ-साथ एक नेशनल ‘कंप्यूट क्रेडिट’ प्लान की जरूरत है।

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