
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती
प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज में मौनी अमावस्या पर हुए विवाद के बाद ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का अनशन नौवें दिन भी जारी है। गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने शिविर के बाहर ही ध्वजारोहण किया और शिष्यों, अनुयायियों और श्रद्धालुओं के साथ राष्ट्रगान गाया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने इस दौरान भारत माता की जय के नारे भी लगाए। ध्वजारोहण के बाद वह फिर से अनशन पर शिविर के बाहर बैठ गए हैं।
हालही में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर हुआ था हंगामा
हालही में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर के बाहर हंगामा हुआ था। लाठी-डंडे के साथ घुसे लोगों ने सेवकों से हाथापाई की थी। मिली जानकारी के मुताबिक, शिविर के बाहर शाम 6:30 से 7:30 बजे के बीच कुछ असामाजिक तत्व पहुंच गए थे, उनके हाथों में लाठी डंडे भी थे और कुछ युवकों ने जबरन शिविर में प्रवेश करने की कोशिश की थी। जब युवकों को रोका गया तो वह मारपीट करने पर भी आमादा हो गए।
अपनी जान को खतरा बताया
हालही में घटी घटना के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपनी जान को खतरा बताया था। उन्होंने शिविर में रह रहे श्रद्धालुओं और शिविर की संपत्ति को भी खतरा बताया था। इसके बाद शिकायती पत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई थी।
हालही में बिगड़ी थी तबीयत
हालही में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की तबीयत बिगड़ने की भी सूचना मिली थी। लोगों का कहना था कि लगातार ठंड में खुले स्थान पर बैठने के कारण उनकी तबीयत बिगड़ी। तबीयत खराब होने की वजह से उनके अनुयायियों और समर्थकों में भी नाराजगी देखने को मिली थी।
गौरतलब है कि रथ से स्नान के लिए जाने के बाद हुए विवाद से स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद चर्चा में हैं। वह अनशन कर रहे हैं और सियासी पक्ष और विपक्ष की तरफ से उनके अनशन को लेकर तमाम प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
