
जैसलमेर से संदिग्ध जासूस गिरफ्तार।
जैसलमेर: गणतंत्र दिवस से कुछ घंटे पहले सुरक्षा एजेंसियों ने जैसलमेर से एक संदिग्ध युवक को हिरासत में ले लिया। सुरक्षा एजेंसियों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के संकेत मिले हैं। युवक बॉर्डर एरिया में ई-मित्र चलाता था। आरोप है कि वह पाकिस्तानी महिला हैंडलर के संपर्क में था और हनीट्रैप में फंसकर सामरिक महत्व की जानकारी साझा की है। सीआईडी-इंटेलिजेंस की टीम फिलहाल आरोपी झाबराराम पुत्र भानाराम मेघवाल निवासी नेहड़ान को पूछताछ के लिए जयपुर ले गई है। जांच में सामने आया कि आरोपी पिछले 4 साल से गांव में ई-मित्र केंद्र का संचालन कर रहा था। आरोपी के कंप्यूटर और मोबाइल को भी फोरेंसिक जांच के लिए कब्जे में लिया गया है।
घर से हिरासत में लिया
स्थानीय लोगों के मुताबिक यह कार्रवाई 25 जनवरी की रात को की गई। एक विशेष टीम संदिग्ध के घर पहुंची और उसे हिरासत में ले लिया। उन्होंने बताया कि संदिग्ध की पहचान नेहड़ान गांव के रहने वाले झाबराराम मेघवाल के रूप में हुई है जो सीमावर्ती इलाके में एक ई-मित्र केंद्र संचालित कर रहा था और कथित तौर पर पाकिस्तानी महिला हैंडलर के संपर्क में था। अधिकारियों ने बताया कि सीआईडी-इंटेलिजेंस की टीमें संदिग्ध को पूछताछ के लिए जयपुर ले गईं जबकि उसके मोबाइल फोन और कंप्यूटर को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। शुरुआती पूछताछ से पता चला है कि वह पिछले चार साल से गांव में ई-मित्र केंद्र संचालित कर रहा था।
पाकिस्तानी हैंडलर से संपर्क
खुफिया सूत्रों के अनुसार संदिग्ध की कई सरकारी योजनाओं और दस्तावेजों तक पहुंच थी और शक है कि वह सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तानी हैंडलर के संपर्क में आया था। सूत्रों के अनुसार, ‘‘शक है कि उसने मोहपाश में फंसकर रणनीतिक महत्व की जानकारी साझा की होगी।” उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी ने पैसे के बदले संवेदनशील जानकारी साझा की या किसी दबाव में काम किया। बता दें कि राजस्थान की 1,000 किलोमीटर से ज़्यादा लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पाकिस्तान से लगती है।
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