
जान्हवी कुकरेजा हत्या मामला
मुंबई की सत्र न्यायालय ने आज 19 वर्षीय जान्हवी कुकरेजा की दर्दनाक मौत से जुड़े चर्चित खार हत्या मामले में अपना फैसला सुनाया। लंबी सुनवाई और सबूतों की गहन जांच के बाद कोर्ट ने आरोपी नंबर 1 जोगधंकर को हत्या का दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई। वहीं, अदालत ने आरोपी नंबर 2 दीया पडलकर को बेनिफिट ऑफ डाउट देते हुए सभी आरोपों से बरी कर दिया।
31 दिसंबर 2020 को हुई थी हत्या
मुंबई के खार वेस्ट इलाके में 6 साल पहले यानी 31 दिसंबर 2020 की रात जान्हवी कुकरेजा की हत्या हुई थी। 19 वर्षीय जान्हवी कुकरेजा, जो कॉलेज छात्रा थी, न्यू ईयर पार्टी के दौरान रहस्यमयी हालात में दूसरी मंजिल से नीचे फेंकी गई थी।
अपने दोस्तों के साथ करने गई थी पार्टी
घटना मुंबई के भगवती हाइट्स नामक रिहायशी इमारत में हुई थी, जहां न्यू ईयर ईव पर पार्टी चल रही थी। पार्टी में जान्हवी अपने दो दोस्तों, श्री जोगधंकार और दीया पडल्कर के साथ मौजूद थी। पुलिस जांच के अनुसार, पार्टी के दौरान तीनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ।
सीढ़ियों पर घसीटने के बाद नीचे फेंका गया
आरोप है कि झगड़ा बढ़ने के बाद जान्हवी के साथ मारपीट की गई, उसे सीढ़ियों पर घसीटा गया और बाद में दूसरी मंजिल से नीचे फेंक दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जान्हवी के शरीर पर 48 गंभीर चोटें, स्कल फ्रैक्चर और अत्यधिक ब्लीडिंग पाई गई।
हत्या को बताई गई थी दुर्घटना
घटना के बाद जान्हवी को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआती तौर पर मामला दुर्घटनावश गिरने का माना गया, लेकिन मेडिकल और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद पुलिस ने इसे हत्या करार दिया।
फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए
मुंबई पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर IPC की धारा 302 (हत्या) और 34 (साझा इरादा) के तहत चार्जशीट दाखिल की। जांच के दौरान क्राइम सीन रीकंस्ट्रक्शन किया गया और सीढ़ियों से खून के निशान व फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए गए।
सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए
मामले में कोई CCTV फुटेज या प्रत्यक्षदर्शी नहीं मिला, जिससे केस पूरी तरह परिस्थितिजन्य सबूतों पर आधारित रहा। जान्हवी की मां निधि कुकरेजा ने केस की सुनवाई के दौरान अदालत से अभियोजन पक्ष की सहायता करने की अनुमति ली। बचाव पक्ष ने पूरे मामले को दुर्घटना बताते हुए हत्या के आरोपों से इनकार किया था।
