
अब हाईवे पर सफर करते वक्त टोल प्लाजा देखकर ब्रेक लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। न लंबी कतारें, न रुकने की झंझट और न ही समय की बर्बादी। देश में टोल कलेक्शन सिस्टम को पूरी तरह बदलने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए गुजरात में भारत का पहला मल्टी-लेन बैरियर-फ्री टोल प्लाजा तैयार हो गया है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) 2 फरवरी से इस अत्याधुनिक टोल सिस्टम का ट्रायल शुरू करने जा रही है।
यह नया बैरियर-फ्री टोल प्लाजा गुजरात के सूरत जिले के कामरेज क्षेत्र में स्थित चोर्यासी टोल प्लाजा पर लगाया गया है। यह मौजूदा टोल सिस्टम की जगह लेगा, जहां अभी तक वाहनों को रुककर टोल देना पड़ता था। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी लंबे समय से टोल प्लाजा पर लगने वाली भीड़ और जाम की समस्या को खत्म करने की बात करते रहे हैं। इसी कड़ी में इस पायलट प्रोजेक्ट को हरी झंडी दी गई है।
वाहन चालकों को मिलेगा बड़ी राहत
बैरियर-फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम लागू होने के बाद वाहन चालकों को टोल चार्ज देने के लिए न तो रुकना होगा और न ही लाइन में लगना पड़ेगा। गाड़ियां बिना धीमे हुए टोल स्ट्रेच से गुजर सकेंगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी, बल्कि नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक मूवमेंट भी पहले से कहीं ज्यादा सुचारू हो जाएगा।
कैसे कटेगा टोल?
इस नए सिस्टम में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे गाड़ियों की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे और FASTag से जुड़ा टोल अमाउंट अपने आप कट जाएगा। पूरी प्रक्रिया पूरी तरह कॉन्टैक्टलेस होगी, जिसमें किसी भी तरह के मैनुअल हस्तक्षेप की जरूरत नहीं पड़ेगी। खास बात यह है कि वाहन करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बिना रुके गुजर सकेंगे।
विदेशी तकनीक, देसी फायदा
इस प्रोजेक्ट के लिए ताइवान की FETC एजेंसी के 25 से ज्यादा विशेषज्ञ सितंबर से काम कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस सिस्टम के पूरी तरह लागू होने से हर साल करीब 1500 करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी और लगभग 6000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलने की संभावना है।
आगे क्या?
सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय की योजना है कि 2026 के अंत तक देशभर में 1050 से अधिक टोल प्लाजा को AI आधारित मल्टी-लेन फ्री फ्लो सिस्टम में बदला जाए। अगर गुजरात का यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो आने वाले समय में पूरे देश के हाईवे पर टोल प्लाजा का चेहरा पूरी तरह बदल सकता है।
