
डोनाल्ड ट्रंप और अयातुल्ला खामेनेई
अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर डील ओमान में होने वाली है। लेकिन दोनों देशों के बीच जारी तनातनी के कारण पूरे मिडिल ईस्ट में स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच ओमान में होने वाली महत्वपूर्ण परमाणु डील को लेकर बैठक कुछ ही घंटे में होने वाली है, लेकिन दोनों देशों की सेनाएं पहले से ही आमने-सामने आ चुकी हैं। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि अमेरिकी लड़ाकू विमान अरब सागर में तैनात हैं और ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के सीक्रेट बंकर को टारगेट किया गया है।
अमेरिका और ईरान की होने वाली बैठक से पहले ही अरब सागर में अमेरिकी सैन्य बेड़े ने एक ईरानी ड्रोन को मार गिराया है और ये घटना दोनों पक्षों द्वारा बैठक से पहले अपनी सैन्य ताकत के प्रदर्शन करने के रूप में देखी जा रही है। अमेरिका ने पहले ही क्षेत्र में अपनी सेना बढ़ा दी है, जबकि ईरान ने भी मिसाइल परीक्षण और नया अंडरग्राउंड मिसाइल सेंटर का खुलासा किया है। ऐसे में अगर ओमान की बैठक नाकाम रही तो क्या अमेरिका खामेनेई के बंकर पर हमले करेगा?
कतर-तुर्किए और मिस्र की मध्यस्थता से कराई जा रही मीटिंग में ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर चर्चा होनी है। बैठक की मेजबानी ओमान के विदेश मंत्री बदर अल बुसैदी करेंगे, जिसमें ईरान की ओर से अब्बास अराघची और अमेरिका की तरफ से जेरेड कुशनर व स्टीव विटकॉफ शामिल होंगे।
