
प्रतीकात्मक फोटो
झारखंड के धनबाद जिले में एक करोड़ रुपये के लोन सेटलमेंट को लेकर हुए विवाद में एक लोन रिकवरी एजेंट की हत्या कर दी गई। पुलिस ने रविवार को बताया कि मृतक का शव एक आवासीय फ्लैट से बरामद किया गया है। इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। मृतक की पहचान अमित कुमार अग्रवाल के रूप में हुई है।
परिजनों की ओर से गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की थी। जांच के दौरान अमित अग्रवाल का शव धनबाद के सदर थाना क्षेत्र स्थित सूर्य हाईलैंड सोसाइटी में विकास खंडेलवाल के फ्लैट से बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी विकास खंडेलवाल को तकनीकी निगरानी और मोबाइल लोकेशन के आधार पर हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के दौरान उसने हत्या की बात कबूल कर ली, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया गया।
क्या थी हत्या की वजह?
शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए शहीद निर्मल महतो मेमोरियल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। इस मामले पर जानकारी देते हुए डीएसपी (लॉ एंड ऑर्डर) नौशाद आलम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या के पीछे वित्तीय विवाद सामने आया है। उन्होंने कहा, “जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी और मृतक के बीच करीब एक करोड़ रुपये के लोन सेटलमेंट को लेकर विवाद चल रहा था। यही विवाद हत्या का कारण प्रतीत होता है।”
15 लाख की फिरौती की कॉल्स
पुलिस ने बताया कि अमित अग्रवाल के लापता होने के बाद उनके मोबाइल फोन से 15 लाख रुपये की फिरौती की कॉल्स भी की जा रही थी। इसी आधार पर पुलिस ने कॉल डिटेल्स और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की, जिससे आरोपी तक पहुंचा जा सका। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। इसमें हत्या की पूरी घटनाक्रम, अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका और फिरौती के एंगल की भी जांच शामिल है। फिलहाल, मामले की आगे की जांच जारी है।
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