
अडाणी ग्रुप की प्रमुख कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (AEL) ने मंगलवार को कहा कि एक अमेरिकी एजेंसी ने उनके साथ संपर्क किया है। कंपनी ने बताया कि एजेंसी ने उनसे प्रतिबंधित कंपनियों के साथ लेनदेन की गैर-आपराधिक जांच के तहत ईरान से पेट्रोलियम उत्पादों के कथित आयात को लेकर जानकारी मांगी है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार को बताया कि उसे 4 फरवरी को अमेरिकी वित्त विभाग के विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय (OFAC) से सूचना का अनुरोध मिला है। ये अनुरोध जून, 2025 में वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित एक रिपोर्ट के संबंध में हुई स्वैच्छिक चर्चा के बाद आया है।
स्वेच्छा से ओएफएसी के साथ सहयोग कर रही है अडाणी ग्रुप की कंपनी
उस रिपोर्ट में आरोप लगाया गया था कि अडाणी से जुड़ी कंपनियों ने अमेरिकी प्रतिबंधों को दरकिनार करने के लिए शिपिंग रूटों का इस्तेमाल करके भारत में ईरानी तरल पेट्रोलियम गैस (LPG) का आयात किया था। अडाणी एंटरप्राइजेज ने कहा, ”कंपनी स्वेच्छा से ओएफएसी के साथ सहयोग कर रही है और मांगी गई जानकारी देगी।” कंपनी ने ये भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी प्राधिकरण से प्राप्त संचार में ‘किसी भी प्रकार के उल्लंघन या गैर-अनुपालन का कोई निष्कर्ष शामिल नहीं है।’ पिछले साल जून में आई रिपोर्ट में दावा किया गया था कि अमेरिकी अभियोजक इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या अडाणी ग्रुप की कंपनियों ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह के माध्यम से ईरानी एलपीजी का आयात किया था।
किसी भी बंदरगाह पर ईरान के किसी भी माल का प्रबंधन नहीं करता अडाणी ग्रुप
अडाणी ग्रुप ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा था, ”नीतिगत रूप से अडाणी ग्रुप अपने किसी भी बंदरगाह पर ईरान के किसी भी माल का प्रबंधन नहीं करता है। इसमें ईरान से आने वाली कोई भी खेप या ईरानी ध्वज के तहत चलने वाले जहाज शामिल हैं।” ग्रुप ने ये भी स्पष्ट किया कि वो ऐसे किसी जहाज का प्रबंधन या सुविधा प्रदान नहीं करता है, जिनके मालिक ईरानी हों।
