राजपाल यादव के भाई ने बताई नई कहानी, आर्थिक तंगी के दावों को झुठलाकर बोले- उसने लोन नहीं लिया


Rajpal Yadav - India TV Hindi
Image Source : RAJPAL YADAV INSTAGRAM
राजपाल यादव।

कॉमिक अभिनेता राजपाल यादव ने 5 फरवरी 2026 को तिहाड़ जेल में खुद को सरेंडर कर दिया। यह कदम उस समय उठाया गया जब दिल्ली हाई कोर्ट ने उनके दस साल पुराने चेक बाउंस और लोन डिफॉल्ट केस में उनकी आखिरी मिनट की अर्जी खारिज कर दी। यह मामला मूल रूप से 2010 का है और इसमें बकाया राशि की बात है, जो कथित तौर पर उनके प्रोडक्शन वेंचर ‘अता पता लापता’ के फ्लॉप होने के बाद लगभग 9 करोड़ रुपये तक बढ़ गई थी। एक एंटरटेनमेंट पोर्टल के अनुसार राजपाल यादव ने अपने हवाले से कहा कि सरेंडर करने से पहले उन्हें कोई विकल्प नहीं मिला। उन्होंने यह भी कथित रूप से कहा कि उन्हें इंडस्ट्री के किसी भी साथी से कोई सहयोग नहीं मिला और इंडस्ट्री में हर कोई अपने दम पर होता है।

राजपाल के भाई का दावा

इसी कड़ी में NDTV ने राजपाल के बड़े भाई श्रीपाल यादव से बात की। श्रीपाल यादव ने कहा, ‘मुझे लगता है कि यह जानकारी सही नहीं है। वह मेरा छोटा भाई है; हम एक ही कमरे में रहते थे और साथ बड़े हुए। मुझे नहीं लगता कि वह ये शब्द कह सकता है। अगर वह किसी मुसीबत में भी होता तो वह किसी से गुहार नहीं लगाएगा। जेल जाने से पहले उनके साथ हुई आखिरी बातचीत के बारे में श्रीपाल यादव ने कहा कि राजपाल ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह जल्द ही वापस आ जाएंगे। उन्होंने बताया, ‘उन्होंने मुझे फोन किया और कहा, ‘किसी भी बात की चिंता मत करो। मुझे एक दिन के लिए कोर्ट जाना है और कुछ कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होंगी।’

राजपाल के भाई ने सामने रख अलग पक्ष

श्रीपाल ने यह भी स्पष्ट किया कि राजपाल ने एक फिल्म में पैसा लगाया था और उन्होंने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह साबित कर देंगे कि उन्होंने कोई लोन नहीं लिया। श्रीपाल यादव ने कहा, ‘उन्होंने कुछ इन्वेस्टमेंट से जुड़े कागजों पर साइन किए थे। जब फिल्म फ्लॉप हुई, तो उन साइन के आधार पर उनसे इन्वेस्टमेंट की मांग की गई।’ इस समय श्रीपाल यादव की बेटी की शादी हो रही है और परिवार उम्मीद कर रहा है कि राजपाल इस मौके पर उनके साथ होंगे।

मामला की पृष्ठभूमि

PTI की रिपोर्ट के अनुसार यह कानूनी विवाद 2010 में शुरू हुआ, जब राजपाल यादव ने अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म ‘अता पता लापता’ को फाइनेंस करने के लिए मेसर्स मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये उधार लिए थे। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई, जिससे राजपाल को बड़ा वित्तीय नुकसान हुआ। समय के साथ ब्याज, पेनल्टी और देरी के कारण बकाया राशि बढ़कर लगभग 9 करोड़ रुपये हो गई। बकाया चुकाने के लिए राजपाल यादव ने लेंडर को कई चेक दिए, लेकिन ये चेक बाउंस हो गए। इसके बाद नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत क्रिमिनल केस शुरू हो गया। 2 फरवरी 2026 को दिल्ली हाई कोर्ट ने राजपाल यादव को निर्देश दिया कि उन्हें 4 फरवरी की शाम 4 बजे तक जेल अधिकारियों के सामने सरेंडर करना होगा। कोर्ट ने कहा कि बार-बार अंडरटेकिंग तोड़ने के कारण उनके व्यवहार की निंदा की जानी चाहिए।

कोर्ट की सुनवाई और जेल सरेंडर

5 फरवरी 2026 को राजपाल यादव कोर्ट में पेश हुए। उनके वकील ने कोर्ट को बताया कि राजपाल 25 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करने और नए पेमेंट शेड्यूल का पालन करने के लिए तैयार हैं। हालांकि इस प्रस्ताव के बावजूद जज ने सरेंडर आदेश वापस लेने से मना कर दिया। कोर्ट ने कहा कि दया को अनुशासन के साथ संतुलित करना जरूरी है और न्यायपालिका फिल्म इंडस्ट्री के लोगों के लिए कोई स्पेशल सिचुएशन नहीं बना सकती। उसी दिन राजपाल यादव ने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया और अपनी छह महीने की सजा काटनी शुरू कर दी। जेल अधिकारियों ने पुष्टि की कि सभी स्टैंडर्ड प्रोसीजर फॉलो किए गए थे।

प्रोफेशनल फ्रंट

राजपाल यादव को आखिरी बार ‘बेबी जॉन’ और ‘इंटरोगेशन’ में देखा गया था। उनकी अगली फिल्म होगी अक्षय कुमार की हॉरर-कॉमेडी ‘भूत बांग्ला’, जो 10 अप्रैल को रिलीज होगी। इसके अलावा भी कई फिल्में उनके पास पाइपलाइन में हैं।

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