
राम चरण और उपासना।
राम चरण और उपासना कोनिडेला ने 31 जनवरी को अपने जुड़वां बच्चों एक बेटे और एक बेटी का दुनिया में स्वागत किया और इसके बाद अब आधिकारिक रूप से उनके नामों की घोषणा कर दी है। हैदराबाद स्थित अपने घर पर एक सादगीपूर्ण लेकिन भावनात्मक नामकरण समारोह में कपल ने दुनिया को अपने नन्हे-मुन्नों से मिलवाया। इसी दौरान बच्चों के नाम का खुलासा भी किया गया। दोनों का नाम काफी यूनिक है और बड़ी बेटी क्लिन कारा की तरह ये नाम भी काफी मीनिंगफुल हैं।
क्या है बच्चों का नाम?
राम चरण के बेटे का नाम शिवराम और बेटी का नाम अनवीरा देवी रखा गया है। हाल ही में वैरायटी इंडिया से बातचीत के दौरान राम और उपासना ने इन नामों के पीछे की भावना, पारिवारिक जुड़ाव और आध्यात्मिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया। राम चरण ने कहा कि बच्चों का नाम चुनना उनके लिए केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि बेहद निजी और आध्यात्मिक निर्णय था। उन्होंने बताया,’हम दोनों ने इस पर गहराई से विचार किया। हालांकि यह हमारा फैसला था, लेकिन हमारे माता-पिता इस पूरी प्रक्रिया का अहम हिस्सा रहे। हमारे संस्कारों में बड़ों का आशीर्वाद और मार्गदर्शन बहुत मायने रखता है। हम चाहते थे कि हमारे बच्चों के नाम में परंपरा, आध्यात्मिकता और परिवार की विरासत की झलक हो।’
बच्चों के नाम का मतलब
उन्होंने आगे बताया कि उनके बेटे का नाम, शिवराम, दो शाश्वत आदर्शों भगवान शिव और भगवान राम से प्रेरित है। यह नाम संयम के साथ शक्ति और भक्ति के साथ धर्मनिष्ठा का प्रतीक है। राम ने यह भी साझा किया कि यह नाम उनके पिता के जन्म नाम, शिव शंकर वर प्रसाद, को भी सम्मान देता है। इस तरह यह नाम न केवल आध्यात्मिकता बल्कि पारिवारिक विरासत और कृतज्ञता से भी जुड़ा हुआ है। अपनी बेटी के नाम के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि अनवीरा देवी नाम असीम साहस और दिव्य स्त्री शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। वीरा का अर्थ है बहादुरी, जबकि अन इसे अनंत और निरंतर बना देता है। देवी शब्द जानबूझकर जोड़ा गया है ताकि यह याद दिलाया जा सके कि शक्ति और करुणा साथ-साथ चल सकती हैं।
उपासना ने बताया अपना अनुभव
उनके अनुसार ये नाम केवल पहचान नहीं, बल्कि उनके बच्चों के लिए एक आशीर्वाद और जीवन मूल्यों की कामना हैं- ताकत, प्रेम और साहस की आकांक्षाएं। उपासना कोनिडेला ने भी बातचीत में दूसरी बार मां बनने के अनुभव को साझा किया। उन्होंने कहा कि पहली बार मां बनना खूबसूरत होने के साथ-साथ बेहद चुनौतीपूर्ण भी था क्योंकि सब कुछ नया था। उन्होंने कहा, ‘इस बार मैं ज्यादा शांत और स्थिर महसूस कर रही हूं। मैंने बहुत सी अनावश्यक चिंताओं को छोड़ना सीख लिया है। अब मैं छोटी-छोटी बातों पर घबराती नहीं हूं। बच्चों को इस समय स्थिरता, नियमितता और बिना शर्त प्यार की जरूरत होती है’
राम करते हैं उपासना की मदद
जुड़वां बच्चों की देखभाल के अनुभव को उन्होंने मैजिकल बताया। उन्होंने स्वीकार किया कि अभी उन्हें केवल एक सप्ताह हुआ है, इसलिए वह बहुत जल्दी कोई निष्कर्ष नहीं निकालना चाहतीं, लेकिन अपने तीनों बच्चों को एक साथ देखना उनके लिए बेहद भावुक और संतोषजनक अनुभव है। उन्होंने यह भी बताया कि राम इस बार पहले से भी ज्यादा सक्रिय और सहयोगी हैं, खासकर अपनी बड़ी बेटी क्लिन कारा के साथ। कपल ने 31 जनवरी को जुड़वां बच्चों के जन्म की खुशी साझा करने के लिए एक संयुक्त बयान जारी किया था। राम चरण ने तीन बच्चों का आशीर्वाद मिलने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपने प्रशंसकों, परिवार और शुभचिंतकों के समर्थन के लिए बेहद आभारी हैं।
कब हुई थी राम चरण-उपासना की शादी?
हाल ही में यह भी खबर सामने आई कि जुड़वां बच्चों की डिलीवरी का समय तय करने के लिए कपल ने ज्योतिषी से परामर्श लिया था और जन्म से पहले मंदिर में विशेष प्रार्थनाएं भी करवाई गई थीं। राम और उपासना ने दिसंबर 2011 में सगाई की थी और जून 2012 में विवाह बंधन में बंधे। लंबे समय तक दोस्त रहने के बाद उन्होंने डेटिंग शुरू की और फिर शादी की। जून 2023 में उन्होंने अपनी पहली बेटी क्लिन कारा का स्वागत किया था। अब अपने परिवार में दो नए सदस्यों के आगमन के साथ यह खुशहाल परिवार और भी पूर्ण हो गया है।
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