
घर में आती धूप।
Viral News: बेंगलुरु में मकानों का किराया अत्यधिक होने का मुख्य कारण भारी मांग और सीमित आपूर्ति है। ‘भारत की सिलिकॉन वैली’ होने के नाते, यहां आईटी और स्टार्टअप पेशेवरों की निरंतर आमद है, जबकि घर उस गति से नहीं बढ़ रहे हैं। कोविड के बाद ऑफिस लौटनेकी प्रवृत्ति ने किराए को और बढ़ा दिया है। इसी बीच एक पोस्ट वायरल हो रही है। इसमें महिला ने दावा किया है कि, उसे सिर्फ इसलिए एक फ्लैट के लिए 80,000 रुपये किराया देने को कहा गया क्योंकि उसमें धूप आती है। अनु ने X पर अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने इस अत्यधिक किराए पर हैरानी जताई और कहा कि यह आश्चर्यजनक है कि प्राकृतिक रोशनी जैसी एक साधारण सी चीज के कारण किराया इतना बढ़ सकता है। उनकी पोस्ट देखते ही देखते वायरल हो गई, जिससे शहर में घर किराए पर लेना कितना महंगा हो गया है, इस बारे में बहस छिड़ गई।
एक्स पर पोस्ट वायरल
पोस्ट को एक्स पर @Escapeplace__ नामक हैंडल से शेयर किया गया है। उन्होंने बताया कि उन्हें कहा गया था कि कमरे में धूप आती है, इसलिए किराया 80,000 रुपये तय किया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात पर विश्वास नहीं हुआ और यह जानकर उन्हें गहरा सदमा लगा कि धूप जैसी साधारण सी चीज को भी “अतिरिक्त” मानकर इतना अधिक किराया वसूला जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यह राशि अत्यधिक प्रतीत होती है, और इस बात पर जोर दिया कि लोग आमतौर पर घरों में जिन सुविधाओं की अपेक्षा करते हैं, उन्हें अब शहर के किराये के बाजार में प्रीमियम के रूप में देखा जा रहा है।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रिया
उनकी पोस्ट देखकर सोशल मीडिया यूजर्स हैरान रह गए। एक यूजर ने कमेंट किया, “किराया चुकाने के बजाय 80,000 रुपये ईएमआई के लिए देना बेहतर है।” एक अन्य यूजर ने कमेंट किया किया कि, “यह तो मुझे मुंबई जैसा लग रहा है।” एक तीसरे यूजर्स ने कहा, “धूप की रोशनी अब एक प्रीमियम सुविधा बन गई है।”
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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