रोबोडॉग मामले की खिल्ली उड़ाने में पीछे नहीं रहे फेमस एक्टर, पेट डॉग की फोटो दिखाकर बोले- इसे गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने नहीं बनाया


Vir das- India TV Hindi
Image Source : VIR DAS X
वीर दास।

ग्रेटर नोएडा की गलगोटिया यूनिवर्सिटी इन दिनों एक ऐसी तकनीकी चूक के कारण चर्चा में है, जिसने उसे विवादों के केंद्र में लाकर खड़ा कर दिया है। इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 जैसे प्रतिष्ठित मंच पर एक रोबोडॉग का प्रदर्शन करना यूनिवर्सिटी के लिए भारी पड़ गया। मामला तब बिगड़ा जब इस रोबोडॉग को कथित तौर पर यूनिवर्सिटी की अपनी खोज बताकर पेश किया गया, जबकि असल में वह एक चीनी कंपनी का उत्पाद निकला। इस घटना के बाद न केवल यूनिवर्सिटी को समिट से बाहर का रास्ता देखना पड़ा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी इसकी जमकर खिल्ली उड़ाई जा रही है।

वीर दास का तीखा तंज और ‘इंडी डॉग’ की वकालत

इस पूरे विवाद में मनोरंजन जगत के मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता वीर दास ने अपनी एंट्री से तड़का लगा दिया है। वीर दास अपने बेबाक और व्यंग्यात्मक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी को आड़े हाथों लिया। उन्होंने अपने पहले पोस्ट में चुटकी लेते हुए लिखा, ‘जब आप गहराई से सोचते हैं तो कुछ भी वास्तव में मौलिक यानी ओरिजिनल नहीं होता। इंसान खुद भी एक क्रिएशन हैं, जो आपस में मिलते हैं और नए रूपों में बदलते हैं, ये सब महान गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने ही तो बनाया है।’

वीर दास का ने ली चुटकी

वीर दास यहीं नहीं रुके, उन्होंने एक अन्य पोस्ट में एक असली कुत्ते की तस्वीर साझा की और इस विवाद को एक नेक सलाह से जोड़ दिया। उन्होंने लोगों से ‘इंडी डॉग’ (भारतीय नस्ल के कुत्ते) गोद लेने की अपील करते हुए लिखा कि वे वास्तव में अद्भुत होते हैं। उन्होंने मजाकिया लहजे में आगे कहा, ‘यह सब बेवकूफी है। मैंने अभी अपने कुत्ते को बताया कि वह गलगोटिया यूनिवर्सिटी की रचना नहीं है।’ वीर दास के इन पोस्ट्स ने आग में घी का काम किया और देखते ही देखते यह मामला ट्रेंड होने लगा।

विवाद की जड़

हंगामे की शुरुआत समिट के उस वीडियो से हुई जिसमें प्रोफेसर नेहा सिंह ओरियन नामक एक चार पैरों वाले रोबोटिक कुत्ते का परिचय दे रही थीं। वीडियो में उन्होंने बताया कि इसे यूनिवर्सिटी के ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ द्वारा विकसित किया गया है। उन्होंने इसके फायदों का बखान करते हुए कहा कि यह रोबोट निगरानी, मॉनिटरिंग और कैंपस में सुरक्षा गश्त के लिए तैयार किया गया है। जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, तकनीक के जानकारों ने तुरंत पहचान लिया कि यह ओरियन दरअसल चीनी फर्म ‘यूनिट्री रोबोटिक्स’ का एक कमर्शियल रोबोट है, जो बाजार में आसानी से उपलब्ध है। बस फिर क्या था, इंटरनेट पर यूनिवर्सिटी पर साहित्यिक चोरी और ‘झूठे दावों’ के आरोप लगने शुरू हो गए।

इस फिल्म में आखिरी बार नजर आए वीर दास

बात करें, वीर दास के करियर की तो उन्हें ‘डेली बेली’ से प्रिसिद्धि मिली थी। इसके अलावा वो अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी अलग पहचान बना चुके हैं। उन्होंने स्टैंड अप और कॉमेडी के दम पर एमी अवॉर्ड हासिल किया और ऐसा करने वाले पहले भारतीय हैं। वीर दास आखिरी बार हाल ही में ‘हैप्पी पटेल एक खतरनाक जासूस’ में नजर आए थे। 

ये भी पढ़ें:  कूट-कूटकर भरा है सस्पेंस, अंत तक हिलने नहीं देगी तगड़ी रेटिंग वाली क्राइम थ्रिलर, BO पर धमाके के बाद आ रही OTT पर

Chhaava की नेशनल अवॉर्ड विनिंग एक्ट्रेस, फिल्मों के लिए बीच में छोड़ी IIT की पढ़ाई, पति है सुपरस्टार

Latest Bollywood News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *