
मुकेश अंबानी
Mukesh Ambani in India AI Impact Summit: रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट’ में आज अपने संबोधन में बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने आने वाले 7 सालों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के सहयोग से जियो की तरफ से एआई में 10 लाख करोड़ रुपये के भारी निवेश की घोषणा की है। यह निवेश अगले 7 सालों में देश के एआई तकनीकी ढांचे को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इसके अलावा उन्होंने 3 घोषणाएं की हैं जिसके जरिए उनका लक्ष्य है कि भारत में AI तकनीक को वैसे ही घर-घर पहुंचाना है जैसे उन्होंने मोबाइल डेटा को देश के घर-घर पहुंचाया था।
जियो भारत को एआई के युग से जोड़ेगा- मुकेश अंबानी
मुकेश अंबानी ने कहा कि जियो ने भारत को इंटरनेट युग से जोड़ा और अब यह इसे एआई के युग से जोड़ेगी। उन्होंने कहा कि हम हर नागरिक, हर क्षेत्र एवं सामाजिक विकास के हर पहलू तक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) पहुंचाएंगे। जियो यह सब उसी विश्वसनीयता, व्यापकता और बेहद किफायती कीमत के साथ करेगा जिससे उसने कनेक्टिविटी और मोबाइल डेटा क्षेत्र में क्रांति ला दी थी। मुकेश अंबानी ने कहा कि “जियो एआई भारत की भाषा में बोलेगा, भारत की संस्कृति में फूलेगा और भारत की मिट्टी में फलेगा।”
कंप्यूटिंग की भारी लागत ही असली समस्या- मुकेश अंबानी
मुकेश अंबानी ने कहा कि कंप्यूटिंग की भारी लागत ही असली समस्या है और देश में टैलेंट की कमी नहीं है। इस समस्या से पार पाने के लिए ‘जियो इंटेलिजेंस’ भारत का अपना सॉवरेन कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगा।
इस ऐलान के तहत मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस ने पहले ही जामनगर में मल्टी गीगावॉट एआई रेडी डेटा सेंटर्स का निर्माण चालू कर दिया है और इसके तहत 120 मेगावॉट इसी साल यानी 2026 के दूसरे हाफ में ऑनलाइन हो जाएगी। इसमें गीगावाट-स्केल के विशाल डेटा सेंटर बनाए जाएंगे। यह भारत को बाहरी निर्भरता से हटाकर अपनी डेटा सेफ्टी सुनिश्चित करने में मदद करेगा और ये डेटा सेंटर AI के लिए जरूरी प्रोसेसिंग कैपिसिटी दिलाने में बड़ा रोल निभाएंगे।
अन्य ऐलानों के तहत कच्छ और आंध्र प्रदेश में सोलर एनर्जी की उपलब्धता और इन-हाउस ग्रीन पावर की उपलब्धता पहले से ही मिल पा रही है और इसका फायदा एआई के क्षेत्र में विकास के लिए दिया जाएगा। मुकेश अंबानी ने ये भी कहा कि जियो के नेटवर्क के साथ गहरे इंटीग्रेटेड होने के चलते आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को रिस्पॉन्सिव और अफोर्डेबल बनाया जाएगा जिससे घरों से लेकर किराना स्टोर्स, क्लासरूम्स से लेकर फार्म तक हर जगह एआई की दक्षता का फायदा लोगों तक पहुंच सके। हमारा लक्ष्य साफ है कि इंटेलीजेंस को कनेक्टिविटी की ही तरह आसानी से उपलब्ध कराया जा सके और जब कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर डेवलप हो जाएगा तो इनोवेशन को टाला नहीं जा सकेगा।
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