
बचे हुए साबुन के टुकड़े
शरीर और हाथों की सफाई से लेकर कपड़ों की सफाई तक, साबुन का इस्तेमाल किया जाता है। जब साबुन की टिक्की बड़ी होती है, तब तो आसानी से हाथ धोने या फिर कपड़े धोने के काम आती है। लेकिन जब साबुन की टिक्की खत्म होने वाली होती है, तब इसका साइज इतना छोटा हो जाता है कि इससे न तो हाथ धुल पाते हैं और न ही कपड़ों की सफाई हो पाती है। ऐसे में ज्यादातर लोग साबुन की बची हुई टिक्की को फेंक देते हैं जबकि यही छोटे-छोटे साबुन के टुकड़े काफी काम के भी साबित हो सकते हैं।
यूज करने का तरीका- आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साबुन के छोटे-छोटे पीस से आप लिक्विड हैंडवॉश बना सकते हैं। सबसे पहले साबुन के टुकड़ों को कद्दूकस कर लीजिए। अब एक कंटेनर में गुनगुना पानी और कद्दूकस किए हुए साबुन को निकाल लीजिए। जब ये घोल ठंडा हो जाए, तब आप इसे किसी भी बॉटल में भर सकते हैं। आप जिन साबुन के छोटे-छोटे टुकड़ों को आप बेकार समझकर फेंक देते हैं, उनकी मदद से आप लिक्विड हैंडवॉश तैयार कर सकते हैं।
काम की साबित होगी टिक्की- साबुन की छोटी-छोटी बची हुई टिक्की कपड़े धोने के लिए यूज की जा सकती है। एक जालीदार मोजे में साबुन की छोटी-छोटी टिक्कियों को भर लीजिए। अगर आपके पास मोजा नहीं है, तो आप साबुन के टुकड़ों को किसी कपड़े में भरकर बांध सकते हैं। जब आप कपड़े धोएं, तब मोजे को या फिर कपड़े को वॉशिंग मशीन में डाल दीजिए। इससे कपड़े धोते समय आसानी से झाग बन जाएंगे और कपड़े धुलकर साफ हो जाएंगे।
गौर करने वाली बात- आप साबुन के छोटे-छोटे टुकड़ों को इकट्ठा कर लीजिए। सभी टुकड़ों को पैन में डालिए और फिर गैस ऑन कर धीमी आंच कर दीजिए जिससे साबुन के टुकड़े मेल्ट हो जाएं। अब मेल्टेड साबुन को मोल्ड में डाल दीजिए और फिर ठंडा होने के लिए छोड़ दीजिए। थोड़ी ही देर में आपका नया साबुन बनकर तैयार हो जाएगा।
