खामेनेई का उत्तराधिकारी तय! इजरायल ने दी चेतावनी-“चयन में शामिल हर शख्स हमारा टारगेट होगा”


Khamenei, Iran- India TV Hindi
Image Source : AP
खामेनेई की तस्वीर लिए हुए समर्थक

नई दिल्ली: ईरान पर इजरायल और अमेरिकी हमलों के बीच ऐसी खबर आ रही है कि ईरान ने अपने सुप्रीम लीडर का चुनाव कर लिया केवल घोषणा बाकी रह गई है। इस बीच इज़राइल डिफेंस फोर्सेज़ (IDF) ने कड़ी चेतावनी दी है कि वे ईरान के अगले सुप्रीम लीडर के किसी भी संभावित उत्तराधिकारी को टारगेट करना जारी रखेगी। द जेरूसलम पोस्ट ने फ़ारसी में लिखे इज़राइली मिलिट्री के एक सोशल मीडिया पोस्ट का ज़िक्र करते हुए कहा, “हम आपको बताना चाहते हैं कि इज़रायल सरकार हर उत्तराधिकारी और हर उस इंसान का पीछा करती रहेगी जो उत्तराधिकारी नियुक्त करना चाहता है।” वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कई बार यह कह चुके हैं कि ईरान के सप्रीम लीडर के चयन में उसकी भी सहमति लेनी होगा। अमेरिका किसी भी ऐसे शासन या नेतृत्व का समर्थन नहीं करेगा जो आतंकवाद को बढ़ावा देता हो।

सुप्रीम लीडर के नाम की घोषणा में देरी

तेहरान स्थित मेहर न्यू एजेंसी की खबर के मुताबिक ईरान की असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने देश के नए सुप्रीम नेता के नाम पर बहुमत के साथ सहमति बना ली है। असेंबली के सदस्य मीरबहागेरी ने बताया कि प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है, इसलिए अभी अनाउंसमेंट नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में एक नेतृत्व परिषद् ईरान का कामकाज संभाल रही है।

इजरायली डिफेंस फोर्स ने दी कड़ी चेतावनी

वहीं इजरायली डिफेंस फोर्स (IDF) ने इस प्रक्रिया में शामिल लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि नया लीडर चुनने के लिए मीटिंग में शामिल होने वाले किसी भी व्यक्ति को एक सही टारगेट माना जाएगा। IDF ने आगे कहा, “हम उन सभी को चेतावनी देते हैं जो उत्तराधिकारी चुनने की मीटिंग में भाग लेने का इरादा रखते हैं कि हम आपको भी टारगेट करने में हिचकिचाएंगे नहीं। यह एक चेतावनी है!” ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमले में मौत हो गई थी।

युद्ध जैसे हालात के चलते अनाउंसमेंट में देरी

तस्नीम न्यूज़ एजेंसी द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में, एक अधिकारी ने सरकारी टेलीविज़न को बताया कि “लीडरशिप के क्षेत्र में कोई समस्या नहीं आई है।” उन्होंने कन्फ़र्म किया कि लीडरशिप काउंसिल अभी देश चला रही है, और कहा, “हम सहमति के करीब आ गए हैं, लेकिन हालात जंग जैसे हैं।” अधिकारी ने मौजूदा संकट की तुलना अयातुल्ला खुमैनी की मौत के बाद हुए बदलाव से की, और कहा कि उस समय देखा गया तुरंत अपॉइंटमेंट इसलिए मुमकिन था क्योंकि माहौल “युद्ध की स्थिति” जैसा नहीं था। उन्होंने ज़ोर दिया कि युद्ध के बावजूद एक्सपर्ट्स की असेंबली अब “कोशिश” कर रही है।

मोजतबा खामेनेई या कोई और?

ईरानी सरकार ने मुंबई में अपने कॉन्सुलेट जनरल के ज़रिए, इज़रायली मीडिया से आ रही उन रिपोर्टों को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि मोजतबा खामेनेई को उनके पिता का वारिस बनाया गया है। सोशल मीडिया एक्स पर एक पोस्ट में, कॉन्सुलेट ने कहा: “ईरान की एक्सपर्ट्स की असेंबली द्वारा चुने गए लीडरशिप के संभावित उम्मीदवारों के बारे में मीडिया में चल रही रिपोर्टों का कोई ऑफिशियल सोर्स नहीं है और उन्हें ऑफिशियली मना किया जाता है।” जबकि इज़राइली मीडिया ने दावा किया कि मोजतबा खामेनेई को चुना गया है, ईरान के ऑफिशियल सरकारी मीडिया से कोई कन्फर्मेशन सामने नहीं आया है।

इजरायल और अमेरिका का निशाना बने अयातुल्ला खामेनेई 

बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और कई शीर्ष सैन्य कमांडरों की मौत हो गई थी। इस हमले के बाद ईरान ने पश्चिमी एशिया में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था। बदले में अमेरिका और इजरायल की सेना ने ईरान पर जबदस्त हमला बोला। पश्चिमी एशिया में चल रही यह युद्ध अपने दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है लेकिन फिलहाल शांति की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही है।

Latest World News





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *