
SHE कॉन्क्लेव में दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता।
India TV की ओर से SHE कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया जिसमें दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी भाग लिया। रेखा गुप्ता ने सबसे पहले भारतीय टीम के टी20 विश्व कप जीतने के अवसर पर बधाई दी।इसके बाद कार्यक्रम में रेखा गुप्ता ने राजनीतिक जीवन की चुनौतियों पर बात की। रेखा गुप्ता ने बताया कि महिलाओं के जीवन का एक फेज होता है जब उनकी शादी होती है तो जो भी महिलाओं जॉब में या अन्य क्षेत्र में होती हैं, हर जगह एक ब्रेक फील होता है। परिवार की प्राथमिकता होती है कि पहले अपनी लाइफ सेटल करो। पहले शादी, फिर बच्चे और वो बड़े हो जाए उसके बाद सोचना। मेरे जीवन में भी वह फेज रहा। जब मेरी शादी हुई तो उसके शुरुआती साल में मैं सबकुछ से कटऑफ थी। बस घर-परिवार बच्चे और पति के बीच में थी।
सीएम रेखा ने कहा कि जिस क्षेत्र में मैं रह रही थीं वो बार-बार महिला सीट हो रही थी। पहले रेखा गुप्ता ने मना किया। लेकिन जब तीसरी बार वह सीट महिला घोषित हुई तब लगा कि भाग्य चाह रहा है कि चुनाव लड़ूं। सीएम रेखा ने कहा कि ये सिर्फ मेरी कहानी नहीं बल्कि हर भारतीय महिला की कहानी है कि उसकी प्राथमिकता फैमिली और बच्चे होते हैं। हर बहन ने अपने जीवन में कोई न कोई बड़ा अवसर जरूर छोड़ा होगा।
सीएम रेखा ने कहा कि महिलाओं के जीवन में कुछ चीजें इन बिल्ट आती हैं उनमें से एक है परिवार का ख्याल रखना। हम अपने मन का भी काम करते हैं और परिवार व समाज का भी काम खुशी से करते हैं।
सीएम रेखा ने कहा कि पुरुष को सपाट रास्ता मिलता है जिसपर वह दौड़ता जाता है लेकिन महिला को एक बोझ के साथ पथरीला रास्ता मिलता है। वह उन रास्तों पर चलती है, परिवार दुनिया सभी की निगाहें महिला पर होती है। पुरुष को शायग लोगों से ये नहीं सुनना पड़ता कि उन्हें क्या करना चाहिए क्या नहीं करना चाहिए पर महिलाओं पर हमेशा एक प्रश्न चिह्न लगा होता है। इसलिए निश्चित तौर पर महिलाओं की सफर ज्यादा चुनौतीपूर्ण होता है और उनसे ज्यादा उम्मीदें होती हैं।
