शेयर बाजार में हाहाकार! सेंसेक्स 1300 अंक लुढ़का, निफ्टी 23850 के पास बंद; जानिए गिरावट के 3 बड़े कारण


सेंसेक्स 1300 अंक लुढ़का- India TV Paisa

Photo:CANVA सेंसेक्स 1300 अंक लुढ़का

घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को भारी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक अनिश्चितताओं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारण निवेशकों का भरोसा डगमगा गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही बड़े नुकसान के साथ बंद हुए। सेंसेक्स करीब 1300 अंकों से ज्यादा टूटकर 76,863 के लेवल पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 394 अंकों की गिरावट के साथ 23,866 के आसपास आकर ठहर गया। बाजार में गिरावट का असर व्यापक रहा और ज्यादातर सेक्टर लाल निशान में बंद हुए। आइए जानते हैं बाजार में इस बड़ी गिरावट के पीछे क्या प्रमुख कारण रहे।

शेयर बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली रही। आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने हाल ही में हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। इससे बाजार में दबाव बढ़ गया। हालांकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने खरीदारी जरूर की, लेकिन विदेशी निवेशकों की बिकवाली का असर ज्यादा भारी पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण फिलहाल विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से दूरी बनाए हुए हैं।

मुनाफावसूली से बाजार पर दबाव

हाल के दिनों में बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफा बुक करना शुरू कर दिया। कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। खासकर ऑटो, बैंकिंग और वित्तीय सेक्टर के शेयरों पर दबाव रहा। महिंद्रा एंड महिंद्रा और बजाज फाइनेंस जैसे बड़े शेयरों में 3 से 4 फीसदी तक गिरावट देखी गई। दिग्गज बैंकिंग शेयरों में भी कमजोरी आई, जिससे सूचकांकों पर ज्यादा दबाव बना।

मिडिल ईस्ट तनाव से बढ़ी चिंता

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस भू-राजनीतिक स्थिति का असर वैश्विक बाजारों पर भी देखने को मिला। निवेशकों को डर है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो इसका असर महंगाई और वैश्विक आर्थिक वृद्धि पर पड़ सकता है। हालांकि कच्चे तेल की कीमतों में थोड़ी नरमी आई, लेकिन अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है।

बाजार की दिशा पर निवेशकों की नजर

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार पर वैश्विक घटनाक्रम और विदेशी निवेशकों की एक्टिविटी का बड़ा असर रहेगा। अगर वैश्विक तनाव कम होता है और विदेशी निवेशक फिर से खरीदारी शुरू करते हैं, तो बाजार में स्थिरता लौट सकती है। तब तक निवेशकों को सावधानी के साथ निवेश करने की सलाह दी जा रही है।

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