
डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति(बाएं) और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (दाएं)
वाशिंगटनः अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ईरान पर अमेरिकी हमले के खिलाफ थे। वह नहीं चाहते थे कि अमेरिका ईरान पर हमला करे। मगर ट्रंप सभी फैसले ले चुके थे। बता दें कि ट्रंप द्वारा ईरान पर हमले की शुरुआत करने से पहले ही अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने निजी तौर पर इसका विरोध किया था। मगर उनकी बात नहीं मानी गई। अब अमेरिका ईरान के साथ लंबे युद्ध में घिर गया है, जिसका फिलहाल कोई अंत होता नहीं दिखाई दे रहा।
ट्रंप ने वेंस को कहा संशयवादी
ट्रंप ने इस बात का खुलासा खुद किया है कि वेंस ईरान पर अमेरिकी हमले के खिलाफ थे। ट्रंप ने वेंस को “संशयवादी”, “सफलता को लेकर चिंतित” और “युद्ध का पुरजोर विरोधी” बताया। उनकी भूमिका अलग-अलग दृष्टिकोण प्रस्तुत करना था, लेकिन अधिकारियों का कहना है कि “एक बार निर्णय हो जाने के बाद, वे पूरी तरह से सहमत हो जाते हैं।” ट्रंप ने इस अंतर को स्वीकार करते हुए कहा कि वैंस “दार्शनिक रूप से थोड़े अलग थे… शायद कम उत्साही थे।”
अमेरिका ने 28 फरवरी को किया था ईरान पर हमला
अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान के तहत 28 फरवरी को ईरान पर पहला हमला किया था। इस हमले में ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए। इसके बाद ईरान ने इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर जवाबी हमला शुरू कर दिया। अब इजरायल-अमेरिका और ईरान की जंग के 14 दिन हो चुके हैं। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर भयानक हमले किए हैं। ईरान ने पूरे मिडिल-ईस्ट में अमेरिकी सैन्य बेस को टारगेट पर लेकर हमला किया है। इसके साथ ही स्टेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया है। इससे पूरी दुनिया में तेल का गंभीर संकट पैदा हो गया है।
