ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डिजिटल मीडिया में तरह-तरह की भ्रामक खबरें फैली थीं। सरकार ने बुधवार को लोकसभा को बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान फर्जी खबरें फैलाने के आरोप में डिजिटल मीडिया पर 1,400 से अधिक ‘यूआरएल’ ब्लॉक किये गए। सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल मुरुगन ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह भी कहा कि पत्र सूचना कार्यालय के अंतर्गत कार्य करने वाली ‘फैक्ट चेक यूनिट’ (FCU) द्वारा अब तक कुल 2,913 ‘फैक्ट-चेक’ प्रकाशित किए जा चुके हैं।
टीवी न्यूज चैनलों पर भी कार्रवाई
मुरुगन ने कहा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान डिजिटल मीडिया पर 1,400 से अधिक ‘यूआरएल’ को ब्लॉक करने के निर्देश जारी किए थे। मंत्री ने एक अन्य प्रश्न के लिखित उत्तर में कहा कि सरकार ने पिछले पांच सालों में कार्यक्रम संहिता और विज्ञापन संहिता का उल्लंघन करने को लेकर निजी सैटेलाइट टीवी चैनलों की अनुमति रद्द करने और प्रसारण बंद करने के आदेश जारी करने जैसी करीब 144 कार्रवाई की है।
क्या है ऑपरेशन सिंदूर
पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए भारत ने पाकिस्तान के आंतकी कैंप को ध्वस्त करने के लिए ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। भारतीय सेना का ये एक गोपनीय अभियान था। इसके तहत भारत ने सीमा पार मौजूद आतंकी कैंपों और लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया था। इस ऑपरेशन का उद्देश्य उन ठिकानों को नष्ट करना बताया जा रहा है, जहां से भारत में घुसपैठ और आतंकी हमलों की साजिश रची जाती थी।
भ्रामक खबरों पर सरकार की कार्रवाई
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ही कई तरह की भ्रामक खबरें सोशल मीडिया और डिजिटल मीडिया में फैली थीं। इसकी जानकारी अब भारत सरकार ने संसद में दी है। इसमें सरकार ने बताया है कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भ्रामक जानकारी के लिए क्या-क्या कार्रवाई की थी।
