किसी फिल्म की सफलता मेकर्स से लेकर कास्ट के लिए भी बहुत जरूरी है। ऐसे में फिल्म हिट या फ्लॉप ये उसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन देख कर पता चलता है। अगर फिल्म ने अपने बजट से ज्यादा कमाई कर मुनाफा कमाया हो तो उसे हिट कहते हैं, लेकिन इन दिनों एक नया ट्रेंड देखने को मिल रहा है। दरअसल, जो फिल्में फ्लॉप हो जाती है वो ओटीटी पर रिलीज होते ही छा जाती है और दर्शक इसे बड़े ध्यान से देखते हैं। इस नए ट्रेंड के अनुसार बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी फिल्में ओटीटी पर कब्जा कर लेती हैं। आज हम एक ऐसी ही फिल्म की बात कर रहे हैं, जिसमें ‘धुरंधर’ एक्ट्रेस सारा अर्जुन लीड रोल में है।
बजट भी नहीं वसूल पाई ये फिल्म
हम सारा अर्जुन की फिल्म ‘यूफोरिया’ की बात कर रहे हैं, जो इन दिनों अपनी कहानी की वजह से चर्चा में बनी हुई है। एक्ट्रेस सारा अर्जुन के कारण ये सोशल थ्रिलर ड्रामा सुर्खियां बंटोर रही है। सिनेमाघरों के बाद अब इस फिल्म ने ओटीटी पर दस्तक दी है। 6 फरवरी, 2026 को थिएटर में रिलीज हुई ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई। यूफोरिया ने बॉक्स ऑफिस पर 1.87 करोड़ रुपये कमाए थे, जबकि इसका बजट लगभग 3 करोड़ था। गुना शेखर के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म में सारा अर्जुन के अलावा भूमिका चावला, विग्नेश गाविरेड्डी, गौतम वासुदेव मेनन, पृथ्वीराज अड्डला, लिखिता यलमंचली भी हैं।
ओटीटी पर छाई 2026 की फ्लॉप फिल्म
2026 में रिलीज हुई सारा अर्जुन की फ्लॉप फिल्म ‘यूफोरिया’ भले ही बड़े पर्दे पर कमाल नहीं दिखा पाई, लेकिन ओटीटी पर छा गई। फिल्म की कहानी लोगों को पसंद आ रही है, जिसकी वजह से टॉप ट्रेंडिंग लिस्ट में शामिल है। ये फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म ETV Win पर स्ट्रीम हो रही है। इसे आप तेलुगु, तमिल और हिंदी डब वर्शन में भी देख सकते हैं। इसे IMDb पर 8 रेटिंग मिली है।
150 मिनट की धांसू कहानी
‘यूफोरिया’ की कहानी एक टीनएज लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका किरदार सारा अर्जुन ने निभाया है। किसी भी दूसरे टीनएजर की तरह उसे भी जिंदगी की कड़वी सच्चाइयों, मानसिक दबाव, सामाजिक उम्मीदों और मनोवैज्ञानिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, उसके साथ-साथ कुछ और युवा भी हैं जो अपने रिश्तों और अपनी पहचान को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इन सभी उतार-चढ़ावों के बीच वह खुद को पहचानती है। ‘यूफोरिया’ उन युवाओं का एक बेहतरीन उदाहरण है, जिन्हें सही और गलत के बीच फर्क समझने में संघर्ष करना पड़ता है। कहानी में देखने को मिलेगा कि चैत्रा नाम की एक लड़की है, जिसका एक नाबालिग बच्चों का ग्रुप बलात्कार फरार हो जाते हैं। इस ग्रुप का लीडर विकास (विग्नेश गविरेड्डी) है, जिसके मां अपने बेटे का सच जानने के बाद उसे सजा दिलाती है। यह फुल्म चैत्रा के संघर्ष और इस घटना के बाद के परिणामों को दिखाती है।
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