
गेटवे ऑफ इंडिया के पास हादसा।
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के करीब शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहां मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से मंडवा जाने वाली बोट ‘अजंता’ डूबते-डूबते बच गई। डराने वाली बात ये थी कि इस बोट पर 100 से ज्यादा यात्री सवार थे। तत्काल बचाव कार्य चलाकर अजंता बोट पर सवार यात्रियों को बचा लिया गया नहीं तो एक बड़ा दर्दनाक हादसा सामने आ सकता था। आइए जानते हैं कि ये घटना कैसे हुई।
बोट पर लगभग 130 लोग थे- पुलिस
दरअसल, गेटवे ऑफ इंडिया से मंडवा जाने वाली बोट अजंता को तीन महीने पहले ही समुद्र में उतारा गया था। ये बोट शुक्रवार को कुछ ही घंटे पहले यात्रियों से भरी हुई थी। ये बोट अचानक से समुद्र में डूबने लगी। बोट को डूबता देख आसपास की बोट्स ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और यात्रियों को बचा लिया गया। मुंबई पुलिस की तरफ से मिली जानकारी के मुताबिक, बोट पर लगभग 130 लोग सवार थे।
बीते दिसंबर में हुआ था भीषण हादसा
बीते साल दिसंबर महीने में भी मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया के पास समुद्र में दर्दनाक हादसा हुआ था। यहां मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया से एलिफेंटा आइलैंड जा रही बोट ‘नीलकमल’ को एक नेवी की बोट ने गलती से टक्कर मार दी जिसके बाद ये नाव समुद्र में पलट गई। इस हादसे के वक्त बोट पर 100 से भी ज्यादा लोग सवार थे। हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 10 यात्री और 3 नेवी के लोग थे। करीबन 101 लोगों को सुरक्षित बचाया गया था।
नेवी बोट की इंजन टेस्टिंग के दौरान हुआ था हादसा
महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने बताया था कि नेवी के बोट के इंजन की टेस्टिंग चल रही थी, उस दौरान ये हादसा हुआ। सीएम ने मुख्यमंत्री सहायता कक्ष से मृतकों के परिवार को 5-5 लाख रुपये की मदद देने का ऐलान किया था। पीएम नरेंद्र मोदी और देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस हादसे पर शोक जताया था। पीएम मोदी ने मृतक के परिजनों को पीएमएनआरएफ से 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया था।
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