ऑपरेशन सिंदूर में उड़े मसूद अजहर के भाई के चिथड़े, जानें IC-814 कंधार हाइजैक के मास्टरमाइंड का और किन हमलों में था हाथ


Rauf azhar
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रऊफ अजहर।

भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का बदला ऑपरेशन सिंदूर के जरिए ले लिया है। भारतीय सेना ने 6-7 मई की दरमियानी रात को पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर (POJK) में नौ आतंकी ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर दिया। इन ठिकानों पर लश्कर-ए-तयैबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिज्बुल मुजाहिदीन के आतंकियों को निशाना बनाया गया। माना जा रहा है कि इस हमले में बड़ी संख्या में आतंकी मारे गए हैं। हालिया अपडेट के अनुसार इस ऑपरेशन सिंदूर में मसूद अजहर के भाई रऊफ अजहर के चिथड़े उड़ गए हैं। ये IC-814 कंधार हाइजैक का मास्टरमाइंड था। रऊफ अजहर के कारनामे सिर्फ यही तक सीमित नहीं रहे, इसने कई और नापाक हरकतों को अंजाम दिया। भारत ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ये मोस्ट वॉन्टेड था। कई देशों की निगाहें इस पर टिकी हुई थीं। इससे जुड़ी हर जानकारी पढ़ने के लिए स्क्रोल करें। 

कौन है रऊफ अजहर

रऊफ अजहर, जैश-ए-मोहम्मद के करता-धरता मसूद अजहर का छोटे भाई है। ये भारतीय सुरक्षा एजेंसियों का मोस्ट वॉन्टेड आतंकवादी है। 1999 में भारतीय एयरलाइंस की फ्लाइट IC-814 के कंधार हाइजैक का मुख्य साजिशकर्ता यही था। 24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली जा रही IC-814 को पांच आतंकवादियों ने हाइजैक कर लिया था और उसे पाकिस्तान, अमृतसर, दुबई होते हुए कंधार, अफगानिस्तान में स्थित तालिबान-नियंत्रित क्षेत्र में ले गए थे। इस हाइजैक का उद्देश्य जैश-ए-मोहम्मद के नेता मसूद अजहर, अहमद उमर सईद शेख और मुश्ताक अहमद जरगर की रिहाई था। इस ऑपरेशन की योजना रऊफ अजहर ने बनाई थी और वह इस साजिश में सक्रिय रूप से शामिल भी था। फिलहाल अब भारत ने मोस्ट वॉन्टेड को मार दिया है।

रऊफ अजहर का जैश-ए-मोहम्मद में रोल

रऊफ अजहर का जन्म 1975 में हुआ था। बचपन से ही उसकी जिंदगी में ऐसा जहर घोला गया कि वह केवल 24 वर्ष की आयु में IC-814 हाइजैक की साजिश के मास्टरमाइंड बन गया था। जैश-ए-मोहम्मद में में उसकी अहम भूमिका थी। जब मसूद अजहर अपने खराब स्वास्थ के कारण गायब था तो जैश-ए-मोहम्मद के हर बड़े फैसले यही लेता था। ऐसे में इसने कई बड़ी आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया और देखते ही देखते मोस्ट वॉन्टेड बन गया।

आतंकी हमलों में संलिप्तता

  • रऊफ असगर ने 2001 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा और भारतीय संसद पर हुए फिदायीन हमलों की साजिश में शामिल था। 
  • साल 2016 में पठानकोट वायुसेना अड्डे पर हमले में भी इसका ही हाथ था। 
  • साल 2019 में हुए पुलवामा हमले की साजिशों में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
  • 1975 हाइजैक की योजना बनाने, संचालन, और तालिबान से समन्वय करने में प्रमुख भूमिका निभा रहा था।
  • इसके अतिरिक्त रऊफ अजहर का नाम 2014 से 2019 तक कई अन्य हमलों में भी शामिल था।

रऊफ पर थी अंतरराष्ट्रीय नजर

रऊफ असगर के खिलाफ इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था और इसके बाद भी वह पाकिस्तान में सक्रिय था। उसकी गतिविधियां भारत और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।

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