
दुबई में आयोजित कार्यक्रम में शाहिद आफरीदी का जोरदार स्वागत हुआ था।
तिरुवनंतपुरम: दुबई में केरल की एक प्रवासी कम्यूनिटी द्वारा पाकिस्तानी क्रिकेटर शाहिद आफरीदी के जोरदार स्वागत को लेकर सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। इस घटना के बाद कोचिन यूनिवर्सिटी बीटेक एलुमनाई एसोसिएशन (CUBAA), यूएई ने माफी मांगते हुए सफाई दी है कि उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाना नहीं था। दरअसल, हाल ही में दुबई में CUBAA द्वारा आयोजित एक इंटर-कॉलेज डांस प्रतियोगिता के दौरान शाहिद आफरीदी का स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें लोग आफरीदी के मशहूर निकनेम ‘बूम बूम’ के नारे लगा रहे थे।
आफरीदी के स्वागत पर क्यों भड़के नेटिजन्स?
वीडियो में आफरीदी केरल और वहां के खाने की तारीफ करते नजर आए। लेकिन यह गर्मजोशी भरा स्वागत कई नेटिजन्स और राइट विंग समर्थकों को नागवार गुजरा। सोशल मीडिया पर लोगों ने CUBAA की आलोचना की, क्योंकि आफरीदी ने हाल ही में पहलगाम आतंकी हमले को लेकर भारत और भारतीय सेना के खिलाफ विवादास्पद बयान दिए थे। एक यूजर ने इस हरकत को ‘शर्मनाक’ बताया, तो दूसरे ने कहा कि ‘ऐसे शख्स का स्वागत किया जा रहा है, जो हमारे मुल्क के खिलाफ बयानबाजी करता है।’ इस बवाल के बाद CUBAA ने शुक्रवार को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए माफी मांगी और पूरी घटना की सफाई दी।
CUBAA ने इस बारे में क्या सफाई दी?
CUBAA ने बताया कि उन्होंने अपने डांस प्रतियोगिता के दूसरे सीजन के लिए पाकिस्तान एसोसिएशन दुबई (PAD) को वेन्यू के तौर पर बुक किया था। यह वेन्यू पिछले साल भी इस्तेमाल किया गया था, क्योंकि यह किफायती था। आयोजकों ने कहा कि 25 मई को हुए उनके कार्यक्रम के दिन भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव पहले ही कम हो चुका था। लेकिन उस दिन उसी ऑडिटोरियम में एक और कार्यक्रम के लिए कुछ क्रिकेटर, जिनमें शाहिद आफरीदी भी शामिल थे, पहुंच गए। CUBAA ने साफ किया कि न तो उनकी टीम ने और न ही किसी एलुमनाई मेंबर ने आफरीदी को बुलाया था।
‘इसके लिए हम दिल से माफी मांगते हैं’
शाहिद आफरीदी और बाकी क्रिकेटरों का आना ‘अचानक और अनचाहा’ था। आयोजकों ने कहा, ‘हमारे आधिकारिक शेड्यूल में इन व्यक्तियों को मेहमान के तौर पर शामिल नहीं किया गया था। भीड़ के उत्साह को उस छोटे समय में नियंत्रित करना मुश्किल हो गया।’ CUBAA ने इस अप्रत्याशित घटना के लिए खेद जताया और कहा, ‘हमारी वजह से किसी को ठेस पहुंची या भ्रम हुआ, इसके लिए हम दिल से माफी मांगते हैं। हमारा इरादा कभी किसी को आहत करना नहीं था।’ उन्होंने यह भी दोहराया कि वह भारत की सांस्कृतिक और समावेशी भावना को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
