
तेहरान पर इजरायल ने किया बड़ा हमला
इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हवाई हमलों ने मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है। इन हमलों में ईरान के नतांज़ परमाणु संयंत्र (Natanz Nuclear Facility) को निशाना बनाए जाने की खबरें सामने आई हैं। इसके बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या इन हमलों से परमाणु रिसाव का खतरा पैदा हुआ है?
UN में IAEA ने किया ये दावा
न्यूजवीक की रिपोर्ट के अनुसार, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (International Atomic Energy Agency, IAEA) के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र (UN) सुरक्षा परिषद को बताया कि ईरानी परमाणु संयंत्र पर इजरायल के हमले से ‘रेडियो एक्टिव और रासायनिक रिसाव’ हो रहा है।
नतांज़ परमाणु स्टेशन का ऊपरी हिस्सा नष्ट
ग्रॉसी ने कहा, ‘इजरायल ने नतांज़ परमाणु स्टेशन के ऊपरी हिस्से को नष्ट कर दिया है। साइट पर भूमिगत संवर्धन सुविधाओं को नुकसान पहुंचने के कोई संकेत नहीं हैं, लेकिन बिजली की कमी से सेंट्रीफ्यूज प्रभावित हो सकते हैं। साइट पर रेडियो एक्टिव और रासायनिक रिसाव हो रहा है।
IAEA के दावे पर क्या बोला ईरान?
वहीं, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने दावा किया कि साइट को केवल सतही क्षति हुई है। साइट पर कोई रेडियो एक्टिव और रासायनिक रिसाव नहीं हुआ है, जिससे किसी प्रकार का सार्वजनिक स्वास्थ्य का खतरा हो। प्रवक्ता बेहरोज कमालवंदी ने ईरानी सरकारी मीडिया को बताया कि भूमिगत परमाणु सुविधाएं बरकरार हैं और जल्द ही इस साइट का संचालन फिर से शुरू हो जाएगा।
जानिए कहां है नतांज़ परमाणु संयंत्र स्टेशन?
बता दें कि ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 150 मील दक्षिण में स्थित नतांज़ परमाणु संयंत्र स्टेशन (Nuclear power plant) है। ईरान के मुख्य यूरेनियम संवर्धन स्थलों में से एक है। इसमें उच्च मात्रा में संवर्धन के लिए एक बड़ा भूमिगत संयंत्र और एक छोटी जमीन के ऊपर की सुविधा शामिल है। IAEA का कहना है कि ईरान वहां 60 प्रतिशत शुद्धता तक यूरेनियम का संवर्धन कर रहा है, जो हथियार-ग्रेड स्तर के करीब है।
