FASTag Annual Pass: क्या इसे लेना जरूरी है या आपकी मर्जी? जानें पूरा नियम


Fastag - India TV Paisa

Photo:FILE फास्टैग

FASTag Annual Pass: केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय 15 अगस्त से FASTag Annual Pass की शुरुआत कर रही है। आपको बता दें कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जून में फास्टैग एनुअल पास जारी करने का ऐलान किया था। इस फास्टैग एनुअल पास की कीमत 3000 रुपये होगी। ये पास 1 साल के लिए मान्य होगा और इससे एक साल में अधिकतम 200 टोल प्लाजा क्रॉस किया जा सकेगा। इस पहल का उद्देश्य टोल पेमेंट को आसान बनाना और हाईवे पर नियमित रूप से यात्रा करने वालों यात्रियों को रियायत देना है। अब जब 15 अगस्त बिल्कुल नजदीक आ गया है तो कई वाहन चालाकों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि क्या एनुअल पास लेना अनिवार्य है या मर्जी पर निर्भर करेगा। अगर आप भी इस सवाल का जवाब ढूंढ रहे हैं तो चलिए हम जवाब देते हैं। 

क्या एनुअल पास लेना अनिवार्य है? 

आपको बता दें कि वार्षिक पास अनिवार्य नहीं है। मौजूदा फास्टैग में कोई बदलाव नहीं होगा और वह व्यवस्था यथावत चलती रहेगी। जो वाहन चालक वार्षिक पास नहीं लेना चाहते हैं, वे टोल प्लाजा पर लागू दरों के अनुसार भुगतान कर अपने फास्टैग का उपयोग जारी रख सकते हैं। उन्हें एनुअल पास लेने की जरूरत नहीं है। यानी एनुअल पास अनिवार्य नहीं है। FASTag एनुअल पास केवल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) और राष्ट्रीय एक्सप्रेसवे (NE) शुल्क प्लाज़ा पर ही मान्य है।  

वार्षिक पास कितने समय के लिए वैध है?

वार्षिक पास सक्रियण तिथि से 1 साल या 200 लेनदेन (यात्राओं) तक, जो भी पहले हो, वैध है। वार्षिक पास के 200 यात्राएं पूरा होने पर स्वतः ही एक नियमित FASTag में बदल जाएगा। अब सवाल उठता है कि वार्षिक पास के तहत एक यात्रा किसे माना जाता है? आपको बता दें कि टोल प्लाजा के प्रत्येक क्रॉसिंग को एक यात्रा माना जाता है, और एक राउंड ट्रिप (आना-जाना) को दो यात्राओं के रूप में गिना जाता है। 

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