
सर्जियो गोर बने भारत में अमेरिका के राजदूत
कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को भारत में अमेरिका के नए राजदूत के रूप में सर्जियो गोर की नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे “अच्छा” बताया कि लंबे समय से खाली पड़े पद को आखिरकार भरा जा रहा है। थरूर की यह टिप्पणी भारतीय मूल की वेंचर कैपिटलिस्ट आशा जडेजा मोटवानी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किए गए एक पोस्ट के जवाब में आई है। मोटवानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी सहयोगी गोर की नियुक्ति की सराहना करते हुए इसे भारत-अमेरिका संबंधों के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया था। उन्होंने गोर को ट्रंप के करीबी लोगों में सबसे महत्वपूर्ण लोगों में से एक बताया और कहा कि उनकी नियुक्ति से भारत को अमेरिकी प्रशासन के उच्चतम स्तरों तक सीधी पहुंच मिलेगी।
क्या बोले थरूर?
शशि थरूर आशा जडेजा के पोस्ट के जवाब में कहा, “आशीष जडेजा के विचार दिलचस्प हैं। बहरहाल, यह अच्छी बात है कि आखिरकार हमारे पास एक अमेरिकी राजदूत होगा। अगर दक्षिण एशिया के लिए सहायक विदेश मंत्री की नियुक्ति भी जल्द ही हो जाती है, तो हमारे पास कुछ हद तक ज़्यादा स्थिर वार्ताकार हो सकते हैं!” मोटवानी के पोस्ट में गोर की नियुक्ति के पांच प्रमुख निहितार्थ बताए गए हैं, जिनमें वाशिंगटन के साथ तेज संवाद, भारतीय कंपनियों पर अमेरिका में निवेश करने का ज्यादा दबाव और भारतीय बाजार में अमेरिकी तकनीकी कंपनियों की बढ़ती दिलचस्पी शामिल है।
आशा जडेजा ने किया था पोस्ट
अपनी पोस्ट में आशा जडेजा मोटवानी ने लिखा, “भारत को हाल के इतिहास का सबसे शक्तिशाली अमेरिकी राजदूत मिला है। यह हमारे लिए यह सुनिश्चित करने का अवसर है कि हमारा संवाद बिल्कुल स्पष्ट हो और हम अपने दो महान लोकतंत्रों के बीच इस द्विपक्षीय संबंध के महत्व को व्यक्त करें। पिछले कुछ महीनों में हम जो संवाद नहीं कर पाए थे, वह सर्जियो के पदभार ग्रहण करने के बाद हम कुछ ही घंटों में कर सकते हैं।” बता दें कि 38 वर्षीय सर्जियो गोर व्हाइट हाउस के कार्मिक निदेशक रह चुके हैं और उन्होंने ट्रम्प के 2024 के चुनाव अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नए प्रशासन में राजनीतिक नियुक्तियों की जांच की देखरेख करने के बाद उनका प्रभाव कथित तौर पर बढ़ गया है।