“ऑपरेशन सिंदूर” ने चकनाचूर किया पाकिस्तान का घमंड, इशाक डार ने फिर की भारत के साथ बातचीत की पेशकश


इशाक डार, पाकिस्तान के विदेश मंत्री। - India TV Hindi
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इशाक डार, पाकिस्तान के विदेश मंत्री।

इस्लामाबाद: पाकिस्तान कितना भी छुपाने की कोशिश कर ले, मगर किसी न किसी रूप में यह बात उजागर हो ही जाती है कि ऑपरेशन सिंदूर ने पाक के सारे घमंड चकनाचूर कर दिया है। इसका अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि भारत के प्रहार के बाद से ही पाकिस्तान नई दिल्ली से बातचीत के लिए बेताब है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत अन्य नेता आधा दर्जन से अधिक बार भारत के सामने बातचीत की पेशकश कर चुके हैं। इस बार पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने शुक्रवार को फिर भारत के साथ बातचीत की नई पेशकश की है। 

इशाक डार ने क्या कहा

पाकिस्तान के विदेश मंत्री डार ने कहा कि पाकिस्तान भारत के साथ सभी लंबित मुद्दों, विशेष रूप से कश्मीर के मुद्दे पर सम्मानजनक और गरिमापूर्ण तरीके से समग्र संवाद के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पाकिस्तान शांति और स्थिरता के पक्ष में है और क्षेत्र में तनाव को कम करने के लिए रचनात्मक वार्ता को प्राथमिकता देता है। डार ने कहा, “हम भारत के साथ एक ऐसा संवाद चाहते हैं जो परस्पर सम्मान पर आधारित हो और जिसमें सभी महत्वपूर्ण मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो सके।”

भारत ने कर दी है सिंधु जल संधि निलंबित

पहलगाम में 22 अप्रैल को आतंकी हमले के बाद से ही भारत ने सिंधु जल संधि को भी निलंबित कर रखा है। इससे पाकिस्तान बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहा है। पहलगाम का बदला लेने के लिए भारत ने 6-7 मई की रात पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को मिसाइल हमले में तहस-नहस कर दिया था। इस हमले में कम से कम 100 पाकिस्तानी आतंकी मारे गए थे। इसके बाद 3 दिनों तक भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष चला था। दोबारा भारत ने पाकिस्तान के 11 आर्मी बेस को मिसाइल हमले में तबाह कर दिया। इसके बाद पाकिस्तान घुटनों पर आ गया और भारत से युद्ध विराम की मिन्नतें करने लगा। तब से भारत-पाकिस्तान के संबंधों में ठहराव की स्थिति है। इस बीच कूटनीतिक संपर्कों में भी कमी देखी गई है।

भारत नहीं दे रहा लिफ्ट

इससे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ भी कई बार भारत से वार्ता करने की गुहार लगा चुके हैं। मगर भारत पाकिस्तान को लिफ्ट नहीं दे रहा है। पाकिस्तान कई बार अमेरिका और यूएई जैसे देशों से भी भारत को बातचीत के लिए राजी करने की सिफारिश लगा चुका है। 

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