
दिवाला कार्यवाही का सामना कर रही जानी-मानी रियल एस्टेट कंपनी सुपरटेक लिमिटेड ने पिछले तीन सालों में अलग-अलग हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में अपने ग्राहकों को 6121 फ्लैट का कब्जा दिया है। कंपनी के पूर्व निदेशक आर. के. अरोड़ा ने ये जानकारी दी। ये फ्लैट कंपनी के पूर्व प्रबंधन ने राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (NCLT) द्वारा नियुक्त एक समाधान पेशेवर की देखरेख में 16 निर्माणाधीन परियोजनाओं में दिए। एनसीएलटी ने 25 मार्च, 2022 के अपने आदेश में सुपरटेक लिमिटेड को कॉरपोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) में शामिल किया था।
16 अंडरकंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में दिए गए हैं 6121 फ्लैट
इसके बाद प्रवर्तक ने राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) के समक्ष अपील दायर की। अपीलीय न्यायाधिकरण ने जून 2022 के अपने आदेश में केवल एक प्रोजेक्ट ‘इको विलेज-2’ के संबंध में कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) के गठन का निर्देश दिया था। अन्य सभी प्रोजेक्ट्स अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) की देखरेख में पूर्व प्रबंधन को पूरी करनी थी। सुपरटेक लिमिटेड के निलंबित बोर्ड के पूर्व चेयरमैन अरोड़ा ने सोमवार को एक बयान में कहा कि कंपनी ने 10 जून, 2022 से अपनी 16 अंडरकंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट्स में 6121 फ्लैट दिए हैं।
अभी भी ग्राहकों को दिए जाने हैं 15,000 फ्लैट
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और मेरठ में स्थित इन 16 प्रोजेक्ट्स में अभी भी लगभग 15,000 फ्लैट ग्राहकों को नहीं दिए जा सके हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी अगले तीन महीनों में 1000 और फ्लैट देने की राह पर आगे बढ़ रही है। अरोड़ा ने कहा कि कंपनी और एपेक्स हाइट्स प्राइवेट लिमिटेड ने संयुक्त रूप से प्रोजेक्ट्स के को-डेवलपर्स के रूप में सभी 16 निर्माणाधीन परियोजनाओं को शुरू करने की मंजूरी के लिए उच्चतम न्यायालय के समक्ष एक समाधान योजना पेश की है। उन्होंने कहा कि अगर न्यायालय संयुक्त समाधान योजना को मंजूरी देता है, तो ये परियोजनाएं दो सालों में पूरी हो सकती हैं।
